BIADA ने 26 नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी, ₹505.27 करोड़ का निवेश और 5,000 रोजगार

ThisNews Desk
BIADA ने 26 नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी, ₹505.27 करोड़ का निवेश और 5,000 रोजगार
चित्र: Roman Ska / Pexels

बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में, बियाडा ने 26 नई औद्योगिक परियोजनाओं को अपनी मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं में कुल 505.27 करोड़ रुपये का भारी निवेश प्रस्तावित है, जिससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लगभग 5,000 लोगों के लिए सीधे रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

यह मंजूरी बियाडा की परियोजना मंजूरी समिति (PCC) की बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता उद्योग विभाग के सचिव-सह-बियाडा और आईडीए के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने की। इस बैठक में निवासी आयुक्त और निवेश आयुक्त मनोज कुमार सिंह के साथ-साथ भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC), बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) और लघु उद्योग भारती जैसे प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इन संगठनों की उपस्थिति बिहार में औद्योगिक विकास के प्रति व्यापक समर्थन को दर्शाती है।

बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने इन नई परियोजनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इनसे राज्य में विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार होगा। विनिर्माण गतिविधियां मतलब, जहाँ कच्चे माल से तैयार सामान बनाया जाता है, जैसे कपड़े, खाद्य उत्पाद या मशीनें। मंत्री ने यह भी बताया कि ये परियोजनाएं रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास के अवसरों में भी वृद्धि करेंगी, जो स्थानीय युवाओं के लिए फायदेमंद होगा।

इन नई परियोजनाओं के लिए कुल 33.08 एकड़ औद्योगिक भूमि आवंटित की गई है। स्वीकृत परियोजनाएं विभिन्न महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करती हैं, जिनमें खाद्य प्रसंस्करण (खाने-पीने की चीजों को तैयार करना और पैक करना), वस्त्र (कपड़ा उद्योग), चमड़े के वस्त्र, बैग और बेल्ट निर्माण, पशु आहार (जानवरों का चारा बनाना) और सामान्य विनिर्माण शामिल हैं। यह विविधता बिहार के औद्योगिक आधार को मजबूत करेगी।

बियाडा की परियोजना मंजूरी समिति ने उद्योगों की त्वरित स्थापना और उत्पादन शुरू करने में मदद करने के लिए 'प्लग्-एंड-प्ले शेड्स' के आवंटन से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। 'प्लग्-एंड-प्ले शेड्स' का मतलब है तैयार औद्योगिक स्थान जहाँ बिजली, पानी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद होती हैं, ताकि उद्यमी अपनी मशीनें लगाकर तुरंत काम शुरू कर सकें। इससे नए व्यवसायों को तेजी से स्थापित होने में मदद मिलती है।

यह पहल बिहार के छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राज्य के औद्योगिक आधार को मजबूत करेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह निवेश का प्रवाह बिहार की औद्योगिक नीतियों में बढ़ते निवेशक विश्वास को भी दर्शाता है। हालांकि, इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने और उत्पादन शुरू होने पर ही रोजगार और आर्थिक विकास के वास्तविक लाभ प्राप्त होंगे।

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