महिला महाविद्यालय में कौशल विकास पर शिक्षकों-छात्राओं ने की चर्चा

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 1:56 pm बजे)
महिला महाविद्यालय में कौशल विकास पर शिक्षकों-छात्राओं ने की चर्चा
चित्र: Andrea Piacquadio / Pexels

बिहार सरकार 2026 में कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है, जिसका विशेष ध्यान महिलाओं और युवाओं को भविष्य के रोजगार और व्यावसायिक उद्यमों के लिए सशक्त बनाने पर है। राज्य ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए हैं और उन्हें जारी रखा है जो इन उद्देश्यों के अनुरूप हैं।

उद्योग विभाग, बिहार सरकार, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना (MMUY) का क्रियान्वयन कर रहा है। यह एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत, पात्र आवेदक ₹10,00,000 तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसमें ₹5,00,000 का गैर-वापसी योग्य अनुदान (जो वापस नहीं करना होता) और ₹5,00,000 का ब्याज-मुक्त ऋण (जिस पर कोई ब्याज नहीं लगता) शामिल है। यह सहायता छोटे व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करती है। 2025-26 चक्र के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जून 2026 में शुरू हुई।

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े कदम के तहत, महिला एवं बाल विकास निगम (WCDC), जो बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आता है, ने 16-17 मार्च 2026 को पटना के ज्ञान भवन में "महिला मेगा जॉब फेयर 2026" का आयोजन किया। इस मेले का उद्देश्य उन महिलाओं को राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से जोड़ना था, जिन्होंने WCDC कार्यक्रमों और बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इस मेले में 50 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने 2000 से अधिक संभावित नौकरी के अवसर प्रदान किए और मौके पर ही साक्षात्कार आयोजित किए गए। यह उन महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर था जिन्होंने अपने कौशल को निखारा था और अब नौकरी की तलाश में थीं।

ये पहलें बिहार में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिससे उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलती है बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी उनका योगदान बढ़ता है।

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