बिहार सरकार राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इसका उद्देश्य छात्रों, युवाओं और उद्यमियों को नए विचार विकसित करने और उन्हें व्यवसाय में बदलने में मदद करना है। ये पहलें राज्य की अर्थव्यवस्था, छोटे व्यवसायों (MSMEs), व्यापारियों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
केंद्र सरकार की 'इंस्पायर अवॉर्ड्स मानक' (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशंस एंड नॉलेज) योजना इसमें एक प्रमुख भूमिका निभा रही है। यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसे नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन – इंडिया (NIF) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य 10-15 वर्ष की आयु (या कक्षा 6 से 12) के छात्रों को विज्ञान में रुचि लेने और रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।
इस योजना के तहत, बिहार सहित पूरे भारत के मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र अपने मौलिक और नवीन विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रत्येक स्कूल अधिकतम पाँच सर्वश्रेष्ठ विचारों को नामांकित कर सकता है। यदि किसी विचार को शॉर्टलिस्ट किया जाता है, तो छात्र को ₹10,000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से मिलती है। यह राशि परियोजना/मॉडल तैयार करने या जिला स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिताओं (DLEPC) में भाग लेने के लिए होती है। 2026-27 सत्र के लिए नामांकन 15 जुलाई, 2026 को शुरू हुए थे और जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2026 है। 2025 में, मुजफ्फरपुर जैसे जिलों ने 7,403 नवीन छात्र विचार प्रस्तुत करके राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था, जो बिहार की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त, बिहार सरकार ने अपनी स्वयं की पहलें भी शुरू की हैं। जून/जुलाई 2025 में राज्य के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा द्वारा 'बिहार आइडिया फेस्टिवल' का उद्घाटन किया गया था। इसका लक्ष्य राज्य के सभी 38 जिलों से छात्रों, युवाओं और उद्यमियों से कम से कम 10,000 नवीन विचारों को एकत्रित करना है। इस फेस्टिवल से शॉर्टलिस्ट किए गए विचारों को तकनीकी और वित्तीय सहायता के लिए पात्र माना जाएगा, जिसमें राज्य की स्टार्टअप बिहार नीति के तहत ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग (प्रारंभिक पूंजी) शामिल है।
ये प्रयास बिहार को एक उभरते हुए तकनीकी और आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और राज्य भर में आजीविका में सुधार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
