बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब फिल्म निर्माताओं को शूटिंग की अनुमति के लिए कई सरकारी विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बिहार में जल्द ही एक सिंगल-विंडो सिस्टम (एकल खिड़की प्रणाली) लागू होने जा रहा है, जिससे फिल्म शूटिंग की अनुमति लेना बेहद आसान हो जाएगा। यह प्रणाली 20 अगस्त, 2026 को की गई घोषणा के अनुसार अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर चालू होने की उम्मीद है।
इस नई व्यवस्था के तहत, फिल्म निर्माताओं को केवल बिहार फिल्म कॉर्पोरेशन से संपर्क करना होगा। कॉर्पोरेशन फिर विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा और आवश्यक अनुमतियाँ (परमिशन) तथा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करेगा। इससे पहले, फिल्म निर्माताओं को स्थान-विशिष्ट मंजूरी के लिए अलग-अलग विभागों से संपर्क करना पड़ता था, जिससे प्रशासनिक देरी होती थी। डेज़ी ईरानी को 21 जून, 2026 को इस सिंगल-विंडो सिस्टम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यह पहल व्यापक 'बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति, 2024' का हिस्सा है, जिसे राज्य मंत्रिमंडल ने जुलाई 2024 में मंजूरी दी थी। इस नीति का उद्देश्य बिहार में फिल्म निर्माण को आकर्षित करना और स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देना है। 'भोजपुरी बवाल' ग्रैंड फिनाले के दौरान 25 अगस्त, 2026 को बिहार फिल्म नीति 2026 के ढांचे की भी रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
फिल्म निर्माताओं के लिए वित्तीय प्रोत्साहन (Financial Incentives) इस नीति का एक प्रमुख आकर्षण है। सरकार फिल्म निर्माताओं को ₹4 करोड़ तक की सब्सिडी (आर्थिक सहायता) प्रदान करेगी। सब्सिडी का मतलब है कि सरकार आपको फिल्म बनाने के खर्च में कुछ मदद देगी, जिससे आपका बोझ कम होगा। विशेष रूप से, बिहार-केंद्रित कहानियों पर आधारित या राज्य की पहचान को बढ़ावा देने वाली फिल्मों के लिए 50% तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹2 करोड़ होगी। क्षेत्रीय भाषाओं जैसे मैथिली, भोजपुरी, मगही, अंगिका और वज्जिका में बनी फिल्मों को उत्पादन लागत (प्रोडक्शन कॉस्ट) का 50% तक की सब्सिडी मिल सकती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹4 करोड़ है। वहीं, हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों के लिए कुल उत्पादन लागत का 25% अनुदान (ग्रांट) मिलेगा। इसके अतिरिक्त, स्थानीय कलाकारों के वेतन पर 50% का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जाएगा। यह कदम बिहार के छोटे व्यवसायों, कलाकारों और फिल्म उद्योग से जुड़े उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
