बिहारशरीफ में रोजगार मेला: 22 कंपनियों ने 1000 युवाओं को दिए 12,000-35,000 तक के वेतन वाले अवसर

ThisNews Desk
बिहारशरीफ में रोजगार मेला: 22 कंपनियों ने 1000 युवाओं को दिए 12,000-35,000 तक के वेतन वाले अवसर
चित्र: Nishant Aneja / Pexels

नालंदा जिले के बिहारशरीफ में 15 सितंबर, 2026 को एक विशाल रोजगार मेला आयोजित किया गया। ब्लॉक परिसर स्थित संयुक्त श्रम भवन में आयोजित इस मेले का उद्देश्य बिहार के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करना था। जिला योजना कार्यालय, नालंदा द्वारा आयोजित इस मेले में लगभग 22 कंपनियों ने भाग लिया, जिसका लक्ष्य लगभग 1000 योग्य युवाओं को विभिन्न पदों पर चयनित करना था।

सफल उम्मीदवारों को 12,000 रुपये से लेकर 35,000 रुपये प्रति माह तक का वेतन पैकेज प्रस्तावित किया गया। नौकरी के अवसरों के अतिरिक्त, चयनित व्यक्तियों को अध्ययन किट और टूल किट (उपकरण किट) के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई, जो उन्हें अपने कौशल को निखारने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।

जिला योजना पदाधिकारी अकीफ वक्कास ने योग्य युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की थी। इस मेले में 18 से 40 वर्ष की आयु के ऐसे उम्मीदवार भाग ले सकते थे, जिनकी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक (दसवीं पास) थी। इच्छुक अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना था। बिहार सरकार के "बिहार रोजगार सेतु" पोर्टल पर भी "द्वितीय नियोजन मेला नालंदा" के रूप में इस आयोजन को सूचीबद्ध किया गया है, जिसकी शुरुआत 15 सितंबर, 2026 से होकर 21 सितंबर, 2026 तक चलने का संकेत है, जो एक बहु-दिवसीय प्रक्रिया या संबंधित गतिविधियों के लिए विस्तारित अवधि का सुझाव देता है।

यह पहल बिहार सरकार के व्यापक रोजगार सृजन कार्यक्रम का हिस्सा है, जो उसके "सात निश्चय-3 (2025-30)" कार्यक्रम के अनुरूप है। इस कार्यक्रम में "दुगना रोजगार - दुगनी आय" का उद्देश्य शामिल है। सरकार का लक्ष्य एक एकीकृत डिजिटल रोजगार समाधान पोर्टल के माध्यम से राज्य के युवाओं को सुरक्षित और विश्वसनीय रोजगार के अवसरों से जोड़ना, उद्यमिता को बढ़ावा देना और निजी प्रतिष्ठानों के साथ साझेदारी स्थापित करना है।

ऐसे रोजगार मेले बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये मेले कुशल कार्यबल (skilled workforce) उपलब्ध कराने, बेरोजगारी कम करने और युवाओं को उत्पादक निजी क्षेत्र की भूमिकाओं में शामिल करके आर्थिक गतिविधि को प्रोत्साहित करने में सहायक होते हैं। MSMEs छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय होते हैं जो अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि उद्यमी वे व्यक्ति होते हैं जो नए व्यवसाय शुरू करते हैं।

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