गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर स्थित डिघवा डुबौली के कौशल विकास केंद्र सह ग्रोथ एकेडमी के छात्रों ने रविवार, 11 अक्टूबर, 2026 को नियमित कक्षाओं के अभाव में विरोध प्रदर्शन किया। अप्रैल में दाखिला लेने वाले इन छात्रों ने बताया कि उनकी ट्रेनिंग ठीक से शुरू नहीं हुई है, जिससे उनके कोर्स की प्रगति पर गंभीर असर पड़ रहा है। छात्रों ने इस व्यवधान का कारण राज्य सरकार द्वारा 'कुशल युवा कार्यक्रम' (KYP) का ठीक से संचालन न होना बताया। केंद्र के संचालक और शिक्षकों ने प्रदर्शनकारी छात्रों को शांत करने के लिए हस्तक्षेप किया।
प्रदर्शन में मुस्कान कुमारी, रागिनी कुमारी, गोविंद कुमार, अनु कुमारी और रूपा कुमारी सहित कई छात्र शामिल थे। यह घटना बिहार में कौशल विकास पहलों के महत्व को उजागर करती है, जो छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब ऐसे कार्यक्रम बाधित होते हैं, तो न केवल छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी कुशल श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे व्यापार और उद्योग के विकास में बाधा आती है।
बिहार सरकार ने कौशल विकास में महत्वपूर्ण निवेश किया है। 'कुशल युवा कार्यक्रम' (KYP), जो बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) का एक प्रमुख कार्यक्रम है, को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक बढ़ा दिया गया है। यह कार्यक्रम युवाओं को कंप्यूटर, भाषा और सॉफ्ट स्किल्स (व्यवहार कौशल) में प्रशिक्षित करके उन्हें रोजगार योग्य बनाता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, 'विकसित बिहार के सात निश्चय – III' पहल के तहत 'कुशल युवा कार्यक्रम' के लिए ₹430.08 करोड़ का आवंटन किया गया है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य प्रति वर्ष 2.57 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करना और 6,436 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करना है।
इसके अतिरिक्त, बिहार में कौशल विकास के लिए बिहटा, पटना में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) (NSTI (W)) के लिए एक स्थायी परिसर की स्थापना में ₹99.97 करोड़ का निवेश किया गया है। ये निवेश राज्य में उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। हालांकि, डिघवा डुबौली जैसी घटनाओं से पता चलता है कि इन कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निवेश का लाभ सही मायने में युवाओं और अंततः राज्य की अर्थव्यवस्था को मिल सके।
