बिहार में अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को डिजिटल कौशल से लैस करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्रम शक्ति योजना के तहत राज्य के 27 जिलों में नए कंप्यूटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव वर्तमान में कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जिससे हजारों युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने वित्त विभाग की सहमति से इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया है। इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक युवाओं को आधुनिक डिजिटल कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के डिजिटल युग में, कंप्यूटर कौशल व्यवसाय चलाने, हिसाब-किताब रखने, ऑनलाइन लेनदेन करने और ग्राहकों तक पहुंचने के लिए अनिवार्य हो गया है।
वर्तमान में, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा पहले से ही 11 जिलों में 11 अल्पसंख्यक छात्रावासों के माध्यम से कंप्यूटर लैब सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। इन जिलों में गया, किशनगंज, कटिहार, दरभंगा, खगड़िया, बेगूसराय, औरंगाबाद, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नवादा और रोहतास शामिल हैं। इन मौजूदा लैब में युवाओं को 'डिजिटल मित्र' और 'डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (DCA)' जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों में कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 'डिजिटल मित्र' जैसे पाठ्यक्रम उन्हें डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन सेवाओं को समझने में मदद करेंगे, जो छोटे व्यवसायों के लिए विकास का एक नया मार्ग खोल सकते हैं।
इस योजना के तहत अब तक 518 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिससे उन्हें डिजिटल साक्षरता और कंप्यूटर संचालन में दक्षता हासिल हुई है। इन लैब के माध्यम से युवा न केवल नौकरी के अवसर प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा पारिवारिक व्यवसायों को आधुनिक बनाने में भी सक्षम होंगे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, यह पहल बिहार के अल्पसंख्यक युवाओं के लिए कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
