बिहार सरकार के 'सात निश्चय-3' पहल के तहत 'डबल रोजगार, डबल आय' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) का विस्तार और नया नामकरण 'कुशल युवा कार्यक्रम (डिजिटल मित्र)' के रूप में किया गया है। बिहार कैबिनेट ने 12 अगस्त, 2026 को इस विस्तार को मंजूरी दी, जिसके बाद बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) ने 19 अगस्त, 2026 को अनुमोदन आदेश जारी किया। यह कार्यक्रम अब वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है।
इस विस्तार के पहले चरण में, मौजूदा कुशल युवा कार्यक्रम संचालकों को 871 'डिजिटल मित्र' केंद्र आवंटित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन बिहार कौशल विकास मिशन पोर्टल के माध्यम से 6 अक्टूबर, 2026 से शुरू हो गए हैं। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग इस पहल की देखरेख कर रहा है।
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुशल युवा कार्यक्रम के लिए ₹430.08 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य अपने 6,436 प्रशिक्षण केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से सालाना लगभग 2.57 लाख (2,57,000) युवाओं को प्रशिक्षित करना है। इस विस्तार से प्रशिक्षण केंद्रों के भीतर 6,436 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
कुशल युवा कार्यक्रम के पाठ्यक्रम को अद्यतन किया जा रहा है ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा, नेटवर्किंग, होम नर्सिंग, मल्टी-स्किल्ड लेबोरेटरी तकनीशियन प्रशिक्षण, इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन प्रशिक्षण, ब्यूटी एंड वेलनेस, वेब और सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएँ, टैली, भाषा कौशल और उद्यमिता जैसे नए युग के कौशल को शामिल किया जा सके।
यह पहल बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सीधे कौशल अंतराल (यानी, उद्योगों को जिन कौशलों की आवश्यकता है और श्रमिकों के पास जो कौशल हैं, उनके बीच का अंतर) को संबोधित करती है और राज्य के युवाओं की रोजगारपरकता (नौकरी पाने की क्षमता) को बढ़ाती है। आधुनिक और मांग वाले कौशल में प्रशिक्षण प्रदान करके, यह कार्यक्रम एक ऐसे कार्यबल को तैयार करता है जो उभरते उद्योगों और डिजिटल परिवर्तन में योगदान करने में सक्षम है। यह रोजगार (नौकरी) और स्वरोजगार (अपना व्यवसाय शुरू करना) दोनों का समर्थन करता है, जिससे व्यक्तियों को या तो नौकरी सुरक्षित करने या अपने स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए सशक्त बनाया जाता है, जिससे बिहार के भीतर आर्थिक विकास और नवाचार को बढ़ावा मिलता है। डिजिटल मित्र केंद्रों का विस्तार स्थानीय कौशल विकास बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करता है।
