बिहार के गया जिले के इमामगंज प्रखंड स्थित गंगटी गांव में 3 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क की खराब स्थिति को लेकर 18 सितंबर, 2026 की एक रिपोर्ट में गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। ग्रामीणों को इस सड़क के अभाव में 'नरकीय जीवन' का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आए दिन चोटें लगती रहती हैं। यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के परिवार का गढ़ माना जाता है, फिर भी मंत्री ने कथित तौर पर इस मुद्दे को हल करने के लिए गांव का दौरा नहीं किया है। ग्रामीणों का दावा है कि झारखंड में प्रवेश करते ही सड़क की स्थिति में काफी सुधार हो जाता है, जो बुनियादी ढांचे के विकास में असमानता को दर्शाता है।
एक ओर जहां गंगटी गांव में सड़क की समस्या बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार ने ग्रामीण सड़क विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 11,312.18 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इसमें 'अपशिष्ट प्लास्टिक' और 'हरित प्रौद्योगिकी' का उपयोग करके 7,214 किलोमीटर सड़कों का निर्माण शामिल है।
'सात निश्चय-3' कार्यक्रम के तहत ग्रामीण सड़कों को 3.75 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर चौड़ा करने की योजना है, जिसके लिए सर्वेक्षण पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना का लक्ष्य 11,020 असंबद्ध बस्तियों को पक्की सड़कों से जोड़ना है, जिसके तहत कुल 14,002 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के सड़क निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 82,60.16 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें 5,000 किलोमीटर एकल-लेन सड़कों को चौड़ा करने की योजना है। बिहार बजट 2026-27 भी बुनियादी ढांचे और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर जोर देता है, जिसमें 2025-26 तक ग्रामीण सड़क नेटवर्क 1.19 लाख किलोमीटर से अधिक हो गया है, जो एक दशक में लगभग दोगुना है।
ये व्यापक पहल बिहार के छोटे व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। बेहतर सड़क संपर्क से माल और लोगों का परिवहन आसान हो जाता है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत (माल ढुलाई और आवाजाही का खर्च) और यात्रा का समय कम होता है। यह स्थानीय व्यापार को बढ़ावा दे सकता है, कृषि उत्पादों और छोटे उद्योगों के लिए बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान कर सकता है और निर्माण तथा संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ा सकता है। सड़कों का चौड़ीकरण और हरित प्रौद्योगिकियों का उपयोग अधिक टिकाऊ और कुशल बुनियादी ढांचे की दिशा में एक कदम है, जो आगे निवेश आकर्षित कर सकता है और ग्रामीण बिहार के समग्र आर्थिक परिदृश्य में सुधार कर सकता है। गंगटी गांव जैसी उचित सड़क का अभाव इन आर्थिक गतिविधियों में सीधे बाधा डालता है, जिससे स्थानीय समुदाय के लिए कठिनाई होती है और विकास की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं।
