बिहार के औरंगाबाद में 120 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना और बैटरी स्टोरेज के लिए SECI ने जारी किया टेंडर

ThisNews Desk
बिहार के औरंगाबाद में 120 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना और बैटरी स्टोरेज के लिए SECI ने जारी किया टेंडर
चित्र: Alex Sanchez / Pexels

बिहार के औरंगाबाद जिले में नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत एक नवरत्न उद्यम, सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SECI) ने औरंगाबाद में 120 मेगावाट (AC) की सौर फोटोवोल्टिक ऊर्जा परियोजना और 60 मेगावाट/240 मेगावाट-घंटा (MWh) बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के विकास के लिए एक निविदा (tender) जारी की है। यह निविदा 9 अक्टूबर, 2026 को SECI की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है, जिसका संदर्भ संख्या SECI/C&P/OP/11/0008/26-27 है।

यह परियोजना बिहार की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) का मतलब है कि सौर ऊर्जा को तब भी इस्तेमाल किया जा सकेगा जब सूरज नहीं चमक रहा हो, जिससे बिजली की आपूर्ति अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनेगी। यह छोटे व्यवसायों और उद्योगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जिन्हें निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है।

SECI इस परियोजना का मालिक है और उसने इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) अनुबंध के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। EPC का मतलब है कि चयनित ठेकेदार परियोजना के डिजाइन, इंजीनियरिंग, उपकरण की खरीद, निर्माण, स्थापना, परीक्षण और चालू करने सहित सभी पहलुओं के लिए जिम्मेदार होगा। इसके अतिरिक्त, ठेकेदार को परियोजना के सफल संचालन के लिए पांच साल तक रखरखाव सेवाएं (operation and maintenance) भी प्रदान करनी होंगी। यह उन ठेकेदारों और इंजीनियरिंग फर्मों के लिए एक बड़ा अवसर है जो नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं।

इच्छुक बोलीदाता (bidders) आधिकारिक निविदा दस्तावेज अंग्रेजी में www.bharat-electronictender.com, भारत सरकार के सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल www.eprocure.gov.in, और SECI की आधिकारिक वेबसाइट के निविदा अनुभाग से प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए SECI से +011 24666 270 पर संपर्क किया जा सकता है।

यह परियोजना बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सहायक होगी। निर्माण और संचालन के चरणों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, और यह राज्य को हरित ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा। हालांकि इस विशिष्ट 120 मेगावाट परियोजना के लिए निवेश के सटीक आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह बिहार के ऊर्जा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण निवेश है।

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