बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 5 साल बढ़ी, ₹950 करोड़ आवंटित, छात्रों को ₹4 लाख तक का ऋण

ThisNews Desk
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 5 साल बढ़ी, ₹950 करोड़ आवंटित, छात्रों को ₹4 लाख तक का ऋण
चित्र: Vitaly Gariev / Pexels

बिहार सरकार की महत्वपूर्ण पहल, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) योजना, 2026 में उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को सक्रिय रूप से वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। राज्य सरकार ने इस योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया है, जिसके लिए ₹950 करोड़ का महत्वपूर्ण आवंटन भी मंजूर किया गया है। यह निर्णय उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो वित्तीय बाधाओं के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ थे।

इस योजना के तहत, पात्र छात्र अपनी उच्च शिक्षा के खर्चों को पूरा करने के लिए ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं। यह वित्तीय सहायता इंजीनियरिंग, मेडिकल, बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन), बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन), और कानून सहित विभिन्न प्रकार के सामान्य, व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए उपलब्ध है। योजना का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे, जिससे राज्य में सकल नामांकन अनुपात (GER) में वृद्धि हो सके। सकल नामांकन अनुपात का अर्थ है कि उच्च शिक्षा में नामांकित होने वाले छात्रों की कुल संख्या में वृद्धि।

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) टीमें बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये केंद्र छात्रों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में सहायता करते हैं, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं, और स्वीकृत आवेदनों को अंतिम ऋण वितरण के लिए भागीदार बैंकों को भेजते हैं। DRCC को सत्यापन प्रक्रिया को सात कार्य दिवसों के भीतर पूरा करने का आदेश है। छात्र अपनी आवेदन स्थिति को आधिकारिक 7 निश्चय पोर्टल के माध्यम से आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। 2026 में हुए नवीनतम अपडेट्स ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ₹4 लाख की ऋण राशि अभी भी उपलब्ध है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों के बीच पिछली उलझनें दूर हुई हैं।

यह योजना बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वित्तीय कठिनाइयों के कारण शिक्षा बीच में छोड़ने वाले छात्रों की संख्या को कम करके, यह उच्च और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देती है। इससे एक कुशल कार्यबल का विकास होता है, जो बदले में रोजगार के अवसरों को बढ़ाता है, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करता है, और राज्य के भीतर व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) तथा व्यापारियों के विकास का समर्थन करता है। एक प्रशिक्षित और शिक्षित कार्यबल नए उद्योगों को आकर्षित करता है और मौजूदा व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाता है, जिससे समग्र आर्थिक वृद्धि होती है। बिहार शिक्षा विभाग और बिहार युवा योजना के अधिकारी संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का प्रबंधन करते हैं।

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