बिहार में सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम के लिए ₹10,000 करोड़ के दो ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों को मिली गति

ThisNews Desk
बिहार में सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम के लिए ₹10,000 करोड़ के दो ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों को मिली गति
चित्र: Elsa Puga / Pexels

बिहार सरकार ने राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में दो नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास की परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सितंबर 2026 में इन परियोजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, योजना निर्माण और संबंधित बुनियादी ढाँचे के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पहले चरण के लिए कुल ₹10,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इसमें भागलपुर जिले के सुल्तानगंज के पास प्रस्तावित अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए ₹3,500 करोड़ और सारण जिले में बनने वाले सोनपुर ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए ₹6,500 करोड़ शामिल हैं। इन हवाई अड्डों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। PPP मॉडल का अर्थ है कि इन हवाई अड्डों को बनाने और चलाने में सरकार और निजी कंपनियाँ मिलकर काम करेंगी। राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण और कनेक्टिविटी (सड़क, रेल आदि से जुड़ाव) से संबंधित लागत वहन करेगी, जबकि निजी कंपनियाँ निर्माण और संचालन में निवेश करेंगी।

इन दोनों हवाई अड्डों के लिए कुल लगभग 7,373 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की योजना है। नागरिक उड्डयन विभाग ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं में सहायता के लिए सलाहकार एजेंसियों के चयन के लिए निविदाएं (टेंडर) जारी की हैं। इन निविदाओं के लिए प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 12 नवंबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है, और तकनीकी निविदाएं 13 नवंबर, 2026 को खोली जाएंगी। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के तहत तेज की जा रही है।

यह परियोजना बिहार के छोटे व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हवाई कनेक्टिविटी में सुधार से पर्यटन (विशेषकर श्रावणी मेला जैसे धार्मिक पर्यटन), व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। अजगैबीनाथ धाम हवाई अड्डा विशेष रूप से भागलपुरी सिल्क उद्योग को लाभ पहुँचाने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय बुनकरों और व्यापारियों को नए बाज़ार मिलेंगे। यह परियोजना राज्य के 22 जिलों के साथ-साथ झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों को भी हवाई संपर्क प्रदान करेगी। इससे नए रोज़गार के अवसर पैदा होने और समग्र क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की प्रबल संभावना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर में और पढ़ें

हमारी संपादकीय नीति · सुधार के लिए संपर्क करें