केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत के बढ़ते हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की घोषणा की गई है, जिसमें सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं। इनमें से वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर बिहार के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका प्रस्तावित संरेखण (alignment) पटना से होकर गुजरेगा। यह राज्य को देश के उभरते हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के विस्तार के रूप में एक प्रस्तावित दिल्ली-पटना हाई-स्पीड रेल कनेक्शन पर भी विचार किया जा रहा है।
प्रस्तावित हाई-स्पीड ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे (kmph) तक की गति से चलने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, हालांकि कुछ रिपोर्टों में 300-350 किमी/घंटा की गति का भी उल्लेख है। वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर के लिए, बिहार के पांच जिलों – पटना, बक्सर, बेगूसराय, खगड़िया और कटिहार – में प्रस्तावित स्टेशनों की पहचान की गई है। आरा और किशनगंज जैसे अन्य क्षेत्रों का भी संभावित मार्गों के रूप में उल्लेख किया गया है, लेकिन स्टेशनों की अंतिम सूची और मार्ग की पुष्टि अभी बाकी है।
यह परियोजना बिहार के छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और व्यापारियों के लिए यात्रा को अत्यधिक सुविधाजनक बनाएगी। तेज गति वाली ट्रेनें यात्रा के समय को काफी कम कर देंगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और राज्य में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। उदाहरण के लिए, दिल्ली-पटना की यात्रा लगभग 4.5 से 5 घंटे में पूरी होने का अनुमान है, जबकि वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच पटना होते हुए यात्रा में लगभग 2 घंटे 55 मिनट लगेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और नए व्यावसायिक अवसरों के द्वार खुलेंगे।
