बिहार को 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना के तहत कुल 1.64 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 32 नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। यह महत्वपूर्ण घोषणा शुक्रवार, 16 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद की गई। ये परियोजनाएं सामूहिक रूप से 2,424 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी और राज्य भर में कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
अनुमोदित परियोजनाओं में विभिन्न प्रकार के बुनियादी ढांचागत विकास शामिल हैं, जैसे नए राजमार्गों का निर्माण, मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, बाईपास का निर्माण और रेल ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिहार सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कुल परियोजनाओं में से, 18 परियोजनाएं राज्य सड़क निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग के तहत आती हैं, जो लगभग 739 किलोमीटर को कवर करती हैं और इनकी अनुमानित लागत 24,940 करोड़ रुपये है। शेष 14 परियोजनाएं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के दायरे में हैं, जो लगभग 1,685 किलोमीटर तक फैली हैं और इनमें 1,39,578 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश शामिल है। विशिष्ट परियोजनाओं में NH-333A, दरभंगा-जयनगर राजमार्ग, और बरियारपुर-बिशनपुर तथा सीतामढ़ी-चिरौत जैसे खंडों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण शामिल है। जयनगर, समस्तीपुर, सिंहेश्वर, मधेपुरा और डुमरांव में कई बाईपास भी इस योजना का हिस्सा हैं। प्रमुख NHAI परियोजनाओं में गोरखपुर-किशनगंज-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया, बक्सर-भागलपुर, मुजफ्फरपुर-बरौनी और छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर जैसे गलियारे, साथ ही पटना उत्तरी रिंग रोड शामिल हैं।
ये सड़क परियोजनाएं बिहार के आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनसे परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा और राज्य के आर्थिक विकास में तेजी आएगी। औद्योगिक गलियारों का विस्तार और सुगम, सुरक्षित यात्रा से लॉजिस्टिक्स लागत (माल ढुलाई और वितरण का खर्च) कम होगी, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) तथा व्यापारियों के लिए बाजार तक पहुंच आसान होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क कृषि उत्पादन क्षेत्रों, औद्योगिक एस्टेट और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को विशेष रूप से लाभ पहुंचाएगा, जिससे विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा समग्र निवेश और रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी।
