बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जिन्होंने अप्रैल 2026 में पदभार संभाला था, ने राज्य में दो महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने का निर्देश दिया है। यह कदम बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भागलपुर जिले में अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे और सारण जिले में सोनपुर ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण कार्यों को गति देने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा क्या है?
छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि 'ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा' क्या होता है। सरल शब्दों में, ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा वह होता है जिसे बिल्कुल नई जगह पर, जहाँ पहले कोई हवाई अड्डा या बड़ी संरचना नहीं थी, ज़मीन से शुरू करके बनाया जाता है। इसका मतलब है कि पूरा निर्माण कार्य, जिसमें रनवे, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं, नए सिरे से तैयार की जाएंगी। यह मौजूदा हवाई अड्डों के विस्तार से अलग होता है।
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:
इन ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों का विकास बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए कई नए अवसर खोलेगा।
- ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए अवसर: हवाई अड्डे के निर्माण में बड़े पैमाने पर सिविल इंजीनियरिंग, भवन निर्माण और अन्य संबंधित कार्यों के लिए ठेकेदारों की आवश्यकता होगी। सीमेंट, स्टील, बजरी, रेत और अन्य निर्माण सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं के लिए भी भारी मांग पैदा होगी।
- रोजगार सृजन: निर्माण चरण के दौरान हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। हवाई अड्डे के चालू होने के बाद भी संचालन, रखरखाव, सुरक्षा, खुदरा और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा: हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां, टैक्सी सेवाएं, लॉजिस्टिक्स और अन्य खुदरा व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। भागलपुर और सारण जैसे जिलों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
- बेहतर कनेक्टिविटी: हवाई कनेक्टिविटी में सुधार से व्यापारिक यात्राएं आसान होंगी, जिससे राज्य में निवेश आकर्षित होगा। यह कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय वस्तुओं के निर्यात को भी बढ़ावा दे सकता है, जिससे किसानों और छोटे उत्पादकों को लाभ होगा।
- पर्यटन को बढ़ावा: अजगैबीनाथ धाम जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों के पास हवाई अड्डा बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री का यह निर्देश इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे बिहार के व्यापारिक समुदाय को जल्द ही इन बुनियादी ढांचागत सुधारों का लाभ मिल सके। यह राज्य के समग्र विकास और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
