बिहार में एसआईपी और म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या 1.17 करोड़ हुई, पर एयूएम अभी भी कम

ThisNews Desk
बिहार में एसआईपी और म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या 1.17 करोड़ हुई, पर एयूएम अभी भी कम
चित्र: Ravi Roshan / Pexels

बिहार में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जहां लगभग 7 लाख निवेशक थे, वहीं जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1.17 करोड़ हो गई है। यह दर्शाता है कि राज्य की आबादी में पूंजी बाजार निवेश के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ रही है।

म्यूचुअल फंड क्या है? यह कई निवेशकों से जमा किया गया पैसा होता है, जिसे पेशेवर फंड मैनेजर स्टॉक, बॉन्ड और अन्य संपत्तियों में निवेश करते हैं। एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक तरीका है, जहां आप हर महीने एक निश्चित छोटी राशि निवेश करते हैं, जैसे बैंक में आरडी करते हैं। यह छोटे निवेशकों के लिए बहुत सुविधाजनक होता है और उन्हें अनुशासित तरीके से बचत करने में मदद करता है।

निवेश का यह रुझान अब केवल पटना तक सीमित नहीं है, बल्कि मुजफ्फरपुर, गया, बेगूसराय और पूर्णिया जैसे शहरों में भी फैल रहा है। यह छोटे शहरों और कस्बों के उद्यमियों, व्यापारियों और ठेकेदारों के लिए अपनी बचत को बढ़ाने का एक नया अवसर खोल रहा है, जिससे उन्हें वित्तीय वृद्धि के लिए एक नया मार्ग मिल रहा है।

निवेशकों की संख्या में इस भारी उछाल के बावजूद, बिहार का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) तुलनात्मक रूप से कम बना हुआ है। जून 2026 तक, राज्य का एयूएम 84,795 करोड़ रुपये था। यह जुलाई 2026 में भारत के कुल म्यूचुअल फंड एयूएम (लगभग 86 लाख करोड़ रुपये) का केवल लगभग 1 प्रतिशत अनुमानित है। एयूएम (Assets Under Management) का मतलब है कि किसी फंड हाउस या राज्य में कुल कितने पैसों का निवेश मैनेज किया जा रहा है।

बिहार का प्रति व्यक्ति एयूएम 6,751 रुपये है, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर सबसे निचले पायदान पर रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम एयूएम का मुख्य कारण यह है कि निवेशक अपने निवेश को लंबे समय तक बनाए नहीं रखते हैं। कई निवेशक, खासकर जो ऐप्स के माध्यम से निवेश शुरू करते हैं, वे छह महीने के भीतर ही अपने निवेश से बाहर निकल जाते हैं। लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने से ही बेहतर रिटर्न मिल पाता है और एयूएम में भी वृद्धि होती है।

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