पटना, बिहार। 22 सितंबर, 2026 को बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री, विजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्य में बैंकों से ऋण वितरण बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए बैंकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान में अपेक्षित ऋण वितरण नहीं हो रहा है।
उपमुख्यमंत्री यादव ने पटना में आयोजित 98वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक में ये बातें कहीं। SLBC एक ऐसा मंच है जहाँ राज्य सरकार और बैंक मिलकर वित्तीय नीतियों और ऋण वितरण लक्ष्यों पर चर्चा करते हैं, ताकि राज्य के आर्थिक विकास को गति मिल सके। उन्होंने बैठक में बताया कि राज्य में ऋण वितरण की गति काफी धीमी है, जिससे छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों को पूंजी जुटाने में परेशानी हो रही है।
छोटे व्यवसाय और उद्यमी अक्सर बैंक ऋण पर निर्भर रहते हैं ताकि वे अपना कारोबार शुरू कर सकें, उसका विस्तार कर सकें या नई परियोजनाओं में निवेश कर सकें। पर्याप्त और समय पर ऋण मिलने से न केवल व्यक्तिगत व्यवसायों को लाभ होता है, बल्कि यह राज्य में रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जब बैंक सक्रिय रूप से ऋण प्रदान करते हैं, तो इससे कृषि, उद्योग और सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
वित्त मंत्री ने बैंकों से आग्रह किया कि वे अपनी ऋण वितरण प्रक्रियाओं को सरल बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि पात्र लाभार्थियों तक ऋण आसानी से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि बैंकों को राज्य सरकार के विकास लक्ष्यों के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि बिहार की आर्थिक क्षमता का पूरी तरह से उपयोग किया जा सके।
