बिहार कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना' को दी मंजूरी, पशुपालकों को 100% ब्याज सब्सिडी

ThisNews Desk
बिहार कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना' को दी मंजूरी, पशुपालकों को 100% ब्याज सब्सिडी
चित्र: Ouça e Relaxe / Pexels

बिहार कैबिनेट ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 23 सितंबर, 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें "मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना" भी शामिल है। यह योजना राज्य के पशुपालकों और छोटे व्यवसायियों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है।

इस नई योजना के तहत, पात्र पशुपालकों को बैंक से लिए गए ऋण पर 100% ब्याज सब्सिडी मिलेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई पशुपालक बैंक से ऋण लेता है, तो उस ऋण पर लगने वाला पूरा ब्याज राज्य सरकार चुकाएगी। लाभार्थी को केवल ऋण की मूल राशि (जितना पैसा उन्होंने उधार लिया था) ही बैंक को वापस करनी होगी। यह उन छोटे किसानों और पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत है जो अक्सर ब्याज के बोझ तले दब जाते हैं।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गायें या भैंस खरीदने में मदद करना है। योजना के अंतर्गत, पशुपालक अधिकतम तीन उन्नत नस्ल की गायें या दो भैंस खरीदने के लिए ऋण ले सकते हैं। उन्नत नस्ल के पशु अधिक दूध देते हैं, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ती है और वे अपने व्यवसाय को और मजबूत कर पाते हैं। यह न केवल व्यक्तिगत पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारेगा, बल्कि राज्य की समग्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था से तात्पर्य उन सभी आर्थिक गतिविधियों से है जो ग्रामीण क्षेत्रों में होती हैं, जैसे खेती, पशुपालन, छोटे उद्योग और हस्तशिल्प। इन गतिविधियों को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और लोगों की क्रय शक्ति में सुधार होता है। मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पशुपालन को एक लाभदायक व्यवसाय बनाने में मदद करेगी और ग्रामीण बिहार में समृद्धि लाएगी। यह योजना पशुपालकों को बिना ब्याज के वित्तीय सहायता प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगी।

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