बिहार में व्यापार और आर्थिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने एक संशोधित सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल लॉन्च किया है और बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट, 2026 को भी मंज़ूरी दे दी है। ये पहलें राज्य में छोटे व्यवसाय मालिकों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए व्यापार करना आसान बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
बिहार उद्योग विभाग ने 23 सितंबर, 2026 को आधिकारिक तौर पर संशोधित सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल एक ऐसी व्यवस्था है जहाँ उद्यमियों को अपने व्यवसाय से संबंधित विभिन्न अनुमतियाँ और मंज़ूरियाँ (जैसे लाइसेंस, पंजीकरण, आदि) प्राप्त करने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके बजाय, वे एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आवेदन कर सकते हैं और सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी, और प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आएगी। यह विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए फायदेमंद होगा, जिन्हें अक्सर सरकारी प्रक्रियाओं में जटिलताओं का सामना करना पड़ता है।
इसके साथ ही, बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट, 2026 को भी मंज़ूरी मिल गई है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का सीधा अर्थ है व्यवसाय शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना। यह अधिनियम उन कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने में मदद करेगा जो पहले व्यापार के विकास में रुकावट बनती थीं। इसका उद्देश्य निवेश को आकर्षित करना, नए व्यवसायों को बढ़ावा देना और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को तेज़ करना है।
इन दोनों पहलों से बिहार में व्यापार के लिए एक अधिक अनुकूल वातावरण बनेगा। उद्यमियों को अब सरकारी प्रक्रियाओं में कम अड़चनों का सामना करना पड़ेगा, जिससे वे अपने मुख्य व्यवसाय पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। यह न केवल नए निवेश को बढ़ावा देगा बल्कि मौजूदा व्यवसायों को भी विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे राज्य में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
