बिहार के बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत पहरी मौजा स्थित खौजरी पहाड़ी में एक पत्थर ब्लॉक के बंदोबस्त के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह ऑनलाइन निविदा, जिसे ई-नीलामी (ऑनलाइन बोली) के माध्यम से संपन्न किया जाएगा, 1 अक्टूबर, 2026 को MSTC प्लेटफॉर्म पर आयोजित की जाएगी। यह खबर बिहार के छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई है।
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर जिला खनन पदाधिकारी बलवंत कुमार की अध्यक्षता में हुई प्री-बिड बैठक के बाद यह घोषणा की गई। इस बैठक में निविदा में भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी अपूर्ण दस्तावेज के कारण आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाएगा, जो पारदर्शिता और नियमों के पालन पर जोर देता है।
निविदा में भाग लेने के इच्छुक आवेदकों को भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। उन्हें बिहार में वस्तु एवं सेवा कर (GST) पंजीकरण होना चाहिए, या एक महीने के भीतर पंजीकरण प्राप्त करने का शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। GST पंजीकरण एक प्रकार का कर पंजीकरण है जो व्यवसायों को वस्तुओं और सेवाओं पर कर (टैक्स) एकत्र करने और भुगतान करने की अनुमति देता है। यह शर्त छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSMEs) के लिए महत्वपूर्ण है जो औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनना चाहते हैं। इसके अतिरिक्त, बोलीदाताओं को अधिकतम दो मौजूदा बंदोबस्त या आशय पत्र (LOI) रखने की अनुमति है, बशर्ते उनका संयुक्त क्षेत्रफल 200 हेक्टेयर से अधिक न हो। विभाग, निगम या जिला खनन कार्यालय में कोई बकाया राशि न होना भी अनिवार्य है; अन्यथा, संबंधित कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रस्तुत करना होगा।
यह पहल बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न जिलों में खनन पट्टों के लिए निविदा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और तेज करना है। इसका लक्ष्य पत्थर खनन को बढ़ावा देना, राजस्व बढ़ाना और इस क्षेत्र को संगठित करना है।
यह विकास बिहार के व्यवसायों, जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs), व्यापारी, श्रमिक और उद्यमी शामिल हैं, के लिए खनन क्षेत्र में नए अवसर खोलता है। पूर्ण दस्तावेज़ीकरण और अनुपालन पर जोर अधिक पारदर्शी और विनियमित व्यावसायिक प्रथाओं की दिशा में एक कदम है, जो इस क्षेत्र में खनन, परिवहन और संबंधित सेवाओं में लगे वैध उद्यमों के लिए एक स्थिर वातावरण को बढ़ावा दे सकता है। 1 अक्टूबर, 2026 को निर्धारित ई-नीलामी के साथ चल रही निविदा प्रक्रिया खनिज क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा सक्रिय कदमों को दर्शाती है।
