बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 207 आधुनिक ग्रामीण हाट विकसित किए जाएंगे

ThisNews Desk
बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 207 आधुनिक ग्रामीण हाट विकसित किए जाएंगे
चित्र: Monojit Dutta / Pexels

बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। राज्य भर में 207 आधुनिक ग्रामीण हाट (बाजार) विकसित किए जाएंगे। यह घोषणा 25 अगस्त, 2026 को की गई है, और इनके विकास के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। व्यापक योजना के तहत कुल 725 ऐसे बाजारों की स्थापना का लक्ष्य है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देंगे।

यह परियोजना बिहार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 'विकसित भारत–जी राम जी' योजना के तहत संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 'जीविका दीदियों' (महिला उद्यमी), स्थानीय किसानों और अन्य ग्रामीण उत्पादकों के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच प्रदान करना है। इन हाटों के माध्यम से छोटे व्यवसायी और किसान अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकेंगे, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और उन्हें अपने श्रम का उचित मूल्य मिल पाएगा। ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री, श्रवण कुमार, इस परियोजना की समीक्षा बैठकों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं, जिसमें 17 अगस्त, 2026 को हुई एक बैठक भी शामिल है।

नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) इस परियोजना का एक प्रमुख भागीदार है, जो निर्माण के पहले चरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक, गौतम कुमार सिंह, ने राज्य सरकार को संस्था के तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत समर्थन का आश्वासन दिया है। यह साझेदारी परियोजना के सफल कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है।

चयनित हाटों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इनमें विक्रेताओं के लिए आश्रय युक्त मंच, पेवर-ब्लॉक फर्श और अन्य बुनियादी संरचनाएं शामिल होंगी ताकि व्यवस्थित बिक्री स्थान बनाए जा सकें। ये सुविधाएं व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करेंगी। इन हाटों के लिए तीन मानक मॉडल स्वीकृत किए गए हैं, जिन्हें 20 डेसिमल, 50 डेसिमल और एक एकड़ के क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रारंभिक चरण के लिए 20 डेसिमल से अधिक के स्थलों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुल 725 संभावित स्थानों की पहचान की गई थी, जिनमें से 207 को विकास के लिए उपयुक्त पाया गया है। यह पहल ग्रामीण उद्यमियों, छोटे व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का एक संगठित, स्वच्छ और सुरक्षित मंच प्रदान करेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे।

कृषि बिज़नेस में और पढ़ें