केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार के बुनियादी ढाँचे के लिए केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण समर्थन की घोषणा की है। यह घोषणा 1 अक्टूबर, 2026 को पटना में आयोजित "राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट 2026" के दौरान की गई। गडकरी ने बताया कि बिहार में लगभग 3.88 लाख करोड़ रुपये की सड़क बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्तमान कार्यकाल के अंत तक राज्य में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के सड़क कार्यों को पूरा करना है।
छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह घोषणा बहुत महत्वपूर्ण है। "सड़क बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ" का अर्थ है नई सड़कें बनाना, मौजूदा सड़कों को बेहतर बनाना, पुलों का निर्माण करना और संबंधित सुविधाओं का विकास करना। इस तरह के बड़े पैमाने के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।
इन परियोजनाओं से बिहार के छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (MSMEs) के लिए कई अवसर पैदा होंगे। सड़क निर्माण के लिए सीमेंट, स्टील, बजरी और अन्य निर्माण सामग्री की आवश्यकता होगी, जिससे स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं को काम मिलेगा। ठेकेदारों और उप-ठेकेदारों को सड़क निर्माण और रखरखाव के कार्यों में शामिल होने का मौका मिलेगा। यह न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
बेहतर सड़कें व्यापारियों के लिए माल ढुलाई को आसान और तेज़ बनाती हैं। इससे परिवहन लागत कम होती है और उत्पादों को दूरदराज के बाजारों तक पहुँचाना संभव हो पाता है। उदाहरण के लिए, कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुँचाने में लगने वाला समय और लागत कम होगी, जिससे किसानों और कृषि-व्यवसायों को सीधा लाभ होगा। इसी तरह, औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चे माल की आवाजाही और तैयार माल के वितरण में दक्षता आएगी।
गडकरी के अनुसार, केंद्र सरकार बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे राज्य में आर्थिक विकास और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह निवेश बिहार को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर ढंग से जोड़ेगा, जिससे व्यापार और वाणिज्य के नए रास्ते खुलेंगे। यह घोषणा बिहार के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है और राज्य के उद्यमी वर्ग के लिए उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
