केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने का व्यापक प्रस्ताव रखा

ThisNews Desk
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने का व्यापक प्रस्ताव रखा
चित्र: NH Nur / Pexels

पटना में 1 अक्टूबर, 2026 को आयोजित 'बिहार निवेशक शिखर सम्मेलन 2026: भारत का उभरता निवेश गंतव्य' में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार को बाढ़ की समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव राज्य के छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए बड़े अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है।

गडकरी ने अपने संबोधन में कहा कि इस व्यापक योजना के तहत तीन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पहला, एक जल ग्रिड प्रणाली (Water Grid System) लागू की जाएगी। इसका सीधा अर्थ है कि नदियों को नहरों या पाइपलाइनों के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे एक नदी बेसिन में मौजूद अतिरिक्त पानी को दूसरे बेसिन में स्थानांतरित किया जा सके। यह प्रणाली बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने और सूखे वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाने में मदद करेगी।

दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु नदियों की व्यापक ड्रेजिंग (River Dredging) है। ड्रेजिंग का मतलब है नदियों की तलहटी से मिट्टी, गाद और अन्य जमाव को हटाना। इससे नदियों की गहराई और चौड़ाई बढ़ेगी, जिससे पानी का बहाव बेहतर होगा और उनकी जल धारण क्षमता में वृद्धि होगी। तीसरा, बाढ़ से बचाव के लिए सुरक्षात्मक दीवारों (Protective Walls) का निर्माण किया जाएगा। ये दीवारें निचले इलाकों और शहरी क्षेत्रों को बाढ़ के पानी से बचाने में सहायक होंगी।

इस परियोजना से बिहार के निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम मिलने की उम्मीद है। जल ग्रिड प्रणाली, ड्रेजिंग और सुरक्षात्मक दीवारों के निर्माण के लिए बड़ी संख्या में ठेकेदारों, निर्माण कंपनियों और कुशल-अकुशल श्रमिकों की आवश्यकता होगी। सीमेंट, स्टील, पाइप, रेत और बजरी जैसे निर्माण सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं के लिए भी नए व्यापार के अवसर खुलेंगे। स्थानीय व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को भी इस बड़े पैमाने के बुनियादी ढांचा विकास से लाभ होगा।

बाढ़ से मुक्ति मिलने पर राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। किसानों को फसल नुकसान का डर कम होगा, जिससे उनकी आय में स्थिरता आएगी और कृषि-आधारित उद्योगों जैसे खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज को प्रोत्साहन मिलेगा। कुल मिलाकर, यह योजना बिहार के आर्थिक विकास को गति देने और व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक सुरक्षित और स्थिर वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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