बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में बहुप्रतीक्षित फिल्म सिटी परियोजना को अब नई गति मिल गई है। अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर फिल्म सिटी के निर्माण के साथ-साथ एक समर्पित फिल्म एवं टेलीविजन प्रशिक्षण संस्थान को भी मंजूरी दे दी है। यह परियोजना, जिसे पहली बार 2014 में प्रस्तावित किया गया था और 2017 में बिहार सरकार द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था, 2025-2026 में फिर से सक्रिय हुई है।
यह परियोजना एक "ग्रीन फिल्म सिटी" के रूप में परिकल्पित है और इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर संचालित करने की योजना है। PPP मॉडल का अर्थ है कि सरकार और निजी कंपनियां मिलकर इस परियोजना में निवेश करेंगी और इसे चलाएंगी। इसमें आधुनिक स्टूडियो, VFX लैब (विशेष दृश्यों के लिए तकनीक), पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं और अभिनय, नृत्य तथा संगीत के लिए प्रशिक्षण केंद्र शामिल होंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत 142 करोड़ रुपये है, हालांकि 2023 की कुछ रिपोर्टों में 120 एकड़ भूमि पर निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये के निवेश का सुझाव दिया गया था।
राजगीर फिल्म सिटी बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य राज्य को एक प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र में बदलना है, जिससे विशेष रूप से भोजपुरी सिनेमा को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय भाषाओं तथा संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा। उम्मीद है कि यह परियोजना तकनीशियनों, कलाकारों और सहायक कर्मचारियों सहित विभिन्न श्रमिकों के लिए हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह विकास फिल्म क्रू को बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की ओर आकर्षित करके पर्यटन को भी बढ़ावा देगा, जिससे होटल, गेस्टहाउस और अन्य स्थानीय व्यवसायों की मांग बढ़ेगी।
फिल्म उद्योग को और मजबूत करने के लिए, बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति 2024 को जुलाई 2024 में अनुमोदित किया गया था। यह नीति फिल्मों के लिए पर्याप्त सब्सिडी (सरकारी सहायता) प्रदान करती है। मैथिली, भोजपुरी और मगही जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में बनी फिल्में उत्पादन लागत का 50% तक, अधिकतम 4 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी के लिए पात्र हैं, जबकि हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों को उनकी कुल उत्पादन लागत का 25% मिल सकता है। अप्रैल 2026 तक, इस नीति के तहत बिहार में 45 फिल्मों और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है या उनकी शूटिंग चल रही है, जो राज्य में बढ़ते फिल्म-अनुकूल माहौल का संकेत है।
बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम (BSFDFC) इस परियोजना और संबंधित नीतियों को लागू करने वाली नोडल एजेंसी है। बिहार सरकार ने विभिन्न विभागों में 244 नए पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की है, जिसमें BSFDFC भी शामिल है।
