बिहार पुलिस को मिलेंगे 116 नए वाहन: कैबिनेट ने 62.52 करोड़ रुपये की खरीद को दी मंजूरी

ThisNews Desk
बिहार पुलिस को मिलेंगे 116 नए वाहन: कैबिनेट ने 62.52 करोड़ रुपये की खरीद को दी मंजूरी
चित्र: Tito Zzzz / Pexels

बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राज्य कैबिनेट ने 30 सितंबर, 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 116 नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दे दी है। इस खरीद पर कुल 62.52 करोड़ रुपये का व्यय होगा, जिसका उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करना है।

इन नए वाहनों में 30 वाटर कैनन और 86 वज्र दंगा-रोधी वाहन शामिल हैं। प्रत्येक वाटर कैनन की खरीद लागत 88 लाख रुपये होगी, जिससे कुल 26.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, 86 वज्र वाहनों की खरीद पर प्रति वाहन 42 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसका कुल योग 36.12 करोड़ रुपये होगा। बिहार गृह विभाग ने इस खरीद के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है और तत्काल 30 करोड़ रुपये जारी करने का निर्देश भी दिया है, ताकि खरीद प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो सके।

इन विशेष वाहनों का उद्देश्य बिहार पुलिस की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमताओं को बढ़ाना है। ये वाहन विशेष रूप से विरोध प्रदर्शनों, त्योहारों, मेलों और चुनावी रैलियों के दौरान भीड़ नियंत्रण में अत्यंत सहायक होंगे। इसके अतिरिक्त, इन्हें वीआईपी और वीवीआईपी आवाजाही के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने, दंगों जैसी अप्रत्याशित स्थितियों, भूमि विवादों, राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और सांप्रदायिक संवेदनशील स्थितियों के प्रबंधन के लिए भी तैनात किया जाएगा। यह निर्णय बिहार पुलिस द्वारा हाल ही में जिला दंगा-रोधी बल (DARF) के गठन के बाद आया है, जिसका लक्ष्य जिलों और अनुमंडलों में प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करना है।

सरकार द्वारा इतनी बड़ी राशि का व्यय स्थानीय व्यवसायों और उद्यमियों के लिए अप्रत्यक्ष रूप से अवसर पैदा कर सकता है। "सप्लाई चेन" का अर्थ है किसी उत्पाद को बनाने और ग्राहक तक पहुंचाने में शामिल सभी चरण और व्यवसाय। इस खरीद से वाहनों के निर्माण में लगे उद्योगों, उनके पुर्जों के आपूर्तिकर्ताओं, रखरखाव सेवाओं और संबंधित तकनीकी सहायता प्रदान करने वाले छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को लाभ मिल सकता है। पुलिस के व्यापक आधुनिकीकरण प्रयासों, जिसमें ड्रोन और सीसीटीवी प्रणाली की खरीद भी शामिल है, से स्थानीय विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए निरंतर निवेश और व्यापार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी कैबिनेट बैठक में बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 के मसौदे को भी मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करना और रोजगार सृजित करना है। साथ ही, निपटान योग्य वस्तुओं की नीलामी के लिए सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के उपयोग को भी मंजूरी मिली, जिससे सरकारी खरीद में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

टेंडर में और पढ़ें

हमारी संपादकीय नीति · सुधार के लिए संपर्क करें