भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने बिहार के पूर्णिया हवाई अड्डे पर एक नए सिविल एन्क्लेव के विकास के लिए ₹294.05 करोड़ का एक बड़ा टेंडर जारी किया है। यह परियोजना, जिसका टेंडर आईडी 2026_AAI_282549_1 और संदर्भ संख्या AAI/CHQ/ED ENGG-ER/PURNEA/NTB/2026 है, राज्य के बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए यह खबर कई अवसर लेकर आई है। इस टेंडर के तहत एक नया टर्मिनल भवन, उससे संबंधित अन्य संरचनाओं का निर्माण और बाहरी विकास कार्य शामिल हैं। 'सिविल एन्क्लेव' का मतलब हवाई अड्डे का वह विशेष हिस्सा है जो केवल नागरिक उड़ानों और यात्रियों के लिए होता है, खासकर जब मुख्य हवाई अड्डा सेना के उपयोग में हो।
यह परियोजना 'इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड' के तहत निष्पादित की जाएगी। 'EPC मोड' का सीधा सा अर्थ है कि एक ही ठेकेदार परियोजना के डिज़ाइन से लेकर सामग्री की खरीद और उसके पूरे निर्माण तक का काम संभालेगा। इससे काम में तेज़ी आती है और पूरी ज़िम्मेदारी एक ही पक्ष पर होती है।
इस विशाल परियोजना की अनुमानित लागत ₹294.05 करोड़ है। इसमें से ₹274.24 करोड़ पूंजीगत निर्माण (यानी नई इमारतों और सुविधाओं के निर्माण पर खर्च) के लिए आवंटित किए गए हैं, जबकि शेष ₹19.81 करोड़ संचालन और रखरखाव (O&M) तथा व्यापक रखरखाव अनुबंधों (CMC) के लिए हैं। 'संचालन और रखरखाव' का मतलब है हवाई अड्डे को चालू रखने और उसकी नियमित मरम्मत पर होने वाला खर्च, जबकि 'व्यापक रखरखाव अनुबंध' एक ऐसा समझौता है जहाँ ठेकेदार एक निश्चित अवधि के लिए किसी प्रणाली या उपकरण के सभी रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी लेता है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, जो एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, अपने AGM (इंजीनियरिंग-सिविल) नई दिल्ली के माध्यम से इस खुले टेंडर के लिए निमंत्रण दे रहा है। पूर्णिया में इस नए सिविल एन्क्लेव के विकास से न केवल हवाई यात्रा की सुविधा बढ़ेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे निर्माण, आपूर्ति और सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को लाभ होगा। यह बिहार के हवाई संपर्क और समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
