बिहार के उद्योग विभाग ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित एआईएम ग्लोबल फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक समर्पित खाद्य प्रसंस्करण पार्क विकसित करना है। यह समझौता 8 सितंबर, 2026 को दुबई में आयोजित एआईएम (वार्षिक निवेश बैठक) कांग्रेस 2026 के दौरान हुआ।
इस साझेदारी का मूल लक्ष्य बिहार में एक एकीकृत कृषि-खाद्य और खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर स्थापित करना है। सरल शब्दों में कहें तो, यह एक ऐसा विशेष क्षेत्र होगा जहाँ कृषि उत्पादों को सीधे खेतों से लाकर उन्हें खाने-पीने की तैयार चीज़ों में बदला जाएगा। उदाहरण के लिए, फल से जूस बनाना, अनाज से आटा या बिस्कुट बनाना, या सब्जियों को पैक करके बाजार के लिए तैयार करना। इस पहल से यूएई और व्यापक खाड़ी क्षेत्र की कंपनियों, संस्थानों और निवेशकों से बिहार में निवेश आकर्षित करने की उम्मीद है।
यह समझौता बिहार के छोटे व्यवसाय मालिकों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा। खाद्य प्रसंस्करण पार्क बनने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, क्योंकि उनके उत्पाद खराब होने से पहले ही संसाधित हो जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जैसे प्रसंस्करण इकाइयों में काम करने वाले लोग, पैकेजिंग और परिवहन से जुड़े व्यवसाय। यह बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं को भी बढ़ाएगा।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार और एआईएम ग्लोबल फाउंडेशन के अध्यक्ष एच.ई. दाऊद अल-शेज़ावी उपस्थित थे। इस अवसर पर उद्योग विभाग के निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बिहार में औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
