बिहार को ₹16,000 करोड़ से अधिक की 5 सड़क परियोजनाओं की मंजूरी, कुल ₹1.64 लाख करोड़ के 32 प्रोजेक्ट स्वीकृत

ThisNews Desk
बिहार को ₹16,000 करोड़ से अधिक की 5 सड़क परियोजनाओं की मंजूरी, कुल ₹1.64 लाख करोड़ के 32 प्रोजेक्ट स्वीकृत — प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्र: Cầu Đường Việt Nam / Pexels

केंद्र सरकार ने बिहार के सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए पांच नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें ₹16,000 करोड़ से अधिक का अनुमानित निवेश होगा। ये परियोजनाएं राज्य भर में मौजूदा सड़कों को चौड़ा करने और कुछ प्रमुख मार्गों को चार लेन में अपग्रेड करने पर केंद्रित हैं। यह विकास बिहार के छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों और व्यापारियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और व्यापार में आसानी सुनिश्चित करेगा, जिससे माल ढुलाई और आवागमन सुगम होगा।

इन पांच विशिष्ट परियोजनाओं में अरवल-बिहारशरीफ सड़क, मशरख-चकिया-भीठा मोड़ सड़क, बिशुनपुर-जमुई सड़क, नौबतपुर-हरिहरगंज सड़क और छपवा-बेतिया सड़क शामिल हैं। 89 किलोमीटर लंबी अरवल-बिहारशरीफ सड़क को लगभग ₹3,300 करोड़ की अनुमानित लागत से चार लेन का बनाया जाएगा। 146 किलोमीटर लंबी मशरख-चकिया-भीठा मोड़ सड़क, जो इन पांचों में सबसे लंबी है, की अनुमानित लागत ₹8,500 करोड़ है। नौबतपुर-हरिहरगंज सड़क (88 किलोमीटर) के लिए ₹2,500 करोड़ और छपवा-बेतिया सड़क (40 किलोमीटर) के लिए ₹1,700 करोड़ का अनुमान है। बिशुनपुर-जमुई सड़क के चौड़ीकरण की लागत का विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।

इन मंजूरियों को 2026-27 के वार्षिक कार्य योजना के तहत प्रदान किया गया है। यह निर्णय 16 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सचिव वी. उमाशंकर की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक में बिहार के पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और MoRTH, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा राज्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बिहार सरकार ने इन मंजूरियों के संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। इन परियोजनाओं के लिए कोई विशिष्ट पूर्णता समय-सीमा नहीं बताई गई है।

इन पांच परियोजनाओं के अतिरिक्त, बिहार को 2026-27 की वार्षिक योजना के तहत कुल 32 सड़क अवसंरचना परियोजनाओं के लिए भी मंजूरी मिली है, जो 2,424 किलोमीटर तक फैली हुई हैं और इनकी संयुक्त अनुमानित लागत ₹1.64 लाख करोड़ है। इन व्यापक परियोजनाओं को राज्य पथ निर्माण विभाग (18 परियोजनाएं, 739 किलोमीटर, ₹24,940 करोड़) और NHAI (14 परियोजनाएं, 1,685 किलोमीटर, ₹1,39,578 करोड़) के बीच विभाजित किया गया है। इसके अतिरिक्त, 28 अक्टूबर, 2026 को बिहार कैबिनेट ने तीन अन्य सड़क परियोजनाओं - विश्वामित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ - को भी मंजूरी दी, जिनकी कुल लागत ₹371 करोड़ है। सड़क नेटवर्क में यह विस्तार व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, परिवहन लागत कम करेगा और राज्य भर में आर्थिक विकास को गति देगा।

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