केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बिहार में पटना और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना को मंजूरी दी है। लगभग 2,500 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से नौबतपुर सड़क के 88 किलोमीटर लंबे हिस्से को चार-लेन राजमार्ग में अपग्रेड किया जाएगा।
यह 88 किलोमीटर लंबी सड़क, जिसे पहले NH-139 (पूर्व में राज्य राजमार्ग-2) के रूप में अधिसूचित किया गया था, पटना के नौबतपुर को अरवल और औरंगाबाद से होते हुए झारखंड सीमा पर हरिहरगंज से जोड़ेगी। इस व्यापक परियोजना में मार्ग के किनारे कई शहरों में बाईपास और फ्लाईओवर का निर्माण शामिल है, जिसमें औरंगाबाद में जीटी रोड पर एक फ्लाईओवर भी प्रमुख है। फरवरी 2026 तक खगौल-नौबतपुर सड़क पर एक अलग फ्लाईओवर का निर्माण नींव स्तर पर है, जिसका लक्ष्य 2027 तक पूरा करना है।
इस पहल को बिहार के पथ निर्माण विभाग की वार्षिक कार्य योजना में शामिल किया गया था और इसे अक्टूबर 2026 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से आधिकारिक मंजूरी मिली। यह मंजूरी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार में 2,424 किलोमीटर की कुल लंबाई और लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 32 सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए व्यापक स्वीकृति का हिस्सा थी। केंद्रीय सचिव उमाशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में बिहार के पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। पटना-सासाराम फोर-लेन कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण भी चल रहा है, जिसके तहत मई 2026 में 21 गांवों के लिए 149 करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी गई थी।
यह अपग्रेड बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। यह पटना क्षेत्र से औरंगाबाद और झारखंड की ओर कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार करेगा, जिससे यात्री और मालवाहक वाहनों दोनों के लिए एक कुशल गलियारा बनेगा। बेहतर सड़क पहुंच से मार्ग पर वाणिज्यिक गतिविधियों (व्यापार और व्यवसाय) को बढ़ावा मिलने, माल ढुलाई (सामानों की आवाजाही) को सुचारू बनाने और सड़क क्षमता बढ़ने के कारण यातायात की भीड़ कम होने की उम्मीद है। छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और व्यापारियों के लिए इसका मतलब होगा कम परिवहन लागत, तेज डिलीवरी और नए बाजारों तक बेहतर पहुंच।
