बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एम्स पटना के बड़े विस्तार की घोषणा की है, जिसके तहत राज्य सरकार संस्थान को 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराएगी। यह विस्तार, जिसकी पुष्टि 5 जुलाई, 2026 को मुख्यमंत्री के निरीक्षण दौरे के दौरान हुई थी और जिसे बिहार कैबिनेट ने 8-9 जुलाई, 2026 के आसपास अनुमोदित किया था, का उद्देश्य संस्थान की स्वास्थ्य सेवा क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करना है।
इस परियोजना में लगभग 200 नए अस्पताल बेड, विशेष रूप से 200 गहन चिकित्सा इकाई (ICU) बेड जोड़े जाएंगे, और कई नए सुपर-स्पेशियलिटी विभाग शुरू किए जाएंगे। प्रमुख उन्नयन में जले हुए रोगियों के लिए स्किन बैंक सुविधा की स्थापना, पहुंच में सुधार के लिए एम्स-पटना को नथूपुर से जोड़ने वाली चार-लेन सड़क का निर्माण, और एम्स परिसर के भीतर एक तालाब का पर्यटन और मनोरंजक स्थल के रूप में विकास शामिल है। विस्तार में नए क्लिनिकल ब्लॉक, उन्नत उपचार सुविधाएं और चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान के लिए उन्नत बुनियादी ढांचा भी शामिल है।
बिहार कैबिनेट ने इस विस्तार के लिए मौजा-भुसौला, दानापुर में 26.76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 348.90 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री चौधरी ने अधिकारियों को 5 जुलाई की अपनी यात्रा के दो सप्ताह के भीतर भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था।
यह विस्तार बिहार के व्यापक "सात निश्चय-3: सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन" अभियान (2025 से 2030) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इस पहल से मरीजों के इलाज की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने, विशेष देखभाल के लिए प्रतीक्षा समय कम होने और बिहार के भीतर उन्नत चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे निवासियों को राज्य के बाहर इलाज के लिए जाने की आवश्यकता कम होगी।
बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए, यह विस्तार पर्याप्त अवसर पैदा करता है। नए क्लिनिकल ब्लॉक और चार-लेन सड़क सहित नई सुविधाओं के निर्माण से निर्माण सामग्री, श्रम और संबंधित सेवाओं की मांग बढ़ेगी। बढ़ी हुई रोगी क्षमता और नए विशेष विभाग चिकित्सा आपूर्ति, उपकरण और सहायक सेवाओं की उच्च मांग पैदा करेंगे, जिससे स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और सेवा प्रदाताओं को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, बेहतर स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे और पहुंच से ग्राहकों की आवाजाही (footfall) में वृद्धि के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे पटना जिले और आसपास के क्षेत्रों में आतिथ्य, परिवहन और अन्य सहायक व्यवसायों (जैसे दुकानें और रेस्तरां) को लाभ होगा। परिसर के तालाब का पर्यटन स्थल के रूप में विकास भी स्थानीय पर्यटन और मनोरंजक व्यवसायों को बढ़ावा दे सकता है। 2026-27 के लिए कुल राज्य स्वास्थ्य बजट 21,270.41 करोड़ रुपये है, जो स्वास्थ्य सेवा विकास पर व्यापक ध्यान केंद्रित करता है और कई आर्थिक अवसर पैदा करेगा।
