वैशाली की स्वाति ने जीता कांस्य, बिहार में खेल विकास से आर्थिक अवसरों को बढ़ावा

ThisNews Desk
वैशाली की स्वाति ने जीता कांस्य, बिहार में खेल विकास से आर्थिक अवसरों को बढ़ावा
चित्र: Tima Miroshnichenko / Pexels

बिहार की स्वाति, जो वैशाली जिले से हैं, ने हाल ही में नई दिल्ली में 7 से 9 अगस्त, 2026 तक आयोजित 20वीं अखिल भारतीय स्वतंत्रता कप कराटे चैंपियनशिप में 53 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता है। यह उनका लगातार तीसरा राष्ट्रीय पदक है, इससे पहले उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते थे। स्वाति की यह उपलब्धि खेल के क्षेत्र में है, लेकिन यह बिहार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत खेल को आर्थिक विकास से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रा, निवेश और स्थानीय उद्यमिता (नए व्यवसाय शुरू करने की क्षमता) को बढ़ावा देना है।

बिहार सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए खेल अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) और खिलाड़ियों के कल्याण में सक्रिय रूप से निवेश कर रही है। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA), जिसकी स्थापना 2023 में हुई थी, इन पहलों की देखरेख करता है। इसका बजट 2022 में ₹30 करोड़ से बढ़कर 2024 में ₹680 करोड़ हो गया है। 2025-26 के बजट के लिए, बिहार ने खेलों के लिए ₹568 करोड़ आवंटित किए हैं। प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में राजगीर में ₹740 करोड़ की लागत से बन रहा अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर शामिल है, जिसमें एक खेल अकादमी और खेल विश्वविद्यालय है। इसके अलावा, एक जल क्रीड़ा अकादमी और शूटिंग रेंज की भी योजना है। 8,000 से अधिक ग्रामीण खेल के मैदान और 250 से अधिक प्रखंड-स्तरीय स्टेडियम भी विकसित किए जा रहे हैं।

ये निवेश और आयोजन महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर पैदा करते हैं। उदाहरण के लिए, मई 2025 में पटना और राजगीर सहित पांच शहरों में आयोजित 7वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स ने लगभग 10,000 एथलीटों और सहायक कर्मचारियों को आकर्षित किया। इस आयोजन के लिए स्वीकृत ₹119 करोड़ ने आवास, खाद्य सेवाओं, परिवहन और पर्यटन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण मांग पैदा की, जिससे स्थानीय व्यवसायों और व्यापारियों को लाभ हुआ। राजगीर में हीरो एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट (अगस्त-सितंबर 2025) की सफल मेजबानी ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (सरकार और निजी कंपनियों के बीच सहयोग) के माध्यम से कॉर्पोरेट निवेश की क्षमता को और प्रदर्शित किया।

श्रमिकों और उद्यमियों (नए व्यवसाय शुरू करने वालों) के लिए, राज्य ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए "मेडल लाओ, नौकरी पाओ" जैसी योजनाएं शुरू की हैं। 17 जून, 2026 को, बिहार कैबिनेट ने बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ी सीधी भर्ती (संशोधन) नियम, 2026 को मंजूरी दी, जो राष्ट्रीय खेलों और सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप सहित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वालों को विभिन्न वेतन स्तरों (पे लेवल-09, पे लेवल-07, पे लेवल-06) पर सरकारी रोजगार प्रदान करता है। बिहार खेल छात्रवृत्ति नीति भी एथलीटों को प्रति वर्ष ₹20 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसमें प्रशिक्षण, उपकरण और यात्रा शामिल है, जिससे उनके करियर को समर्थन मिलता है और अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलता है। खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने के लिए हर जिले में एकलव्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य एक जीवंत खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और एथलीटों के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करना है, जो बिहार के समग्र आर्थिक विकास में योगदान देगा और खेल तथा पर्यटन क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और उद्यमियों के लिए अवसर पैदा करेगा।

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