गोपालगंज, बिहार: गोपालगंज जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही जगदीश गांव में शनिवार, 29 अगस्त, 2026 को एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस के कारण चार मजदूरों की दुखद मृत्यु हो गई। यह घटना कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की गंभीर कमी को उजागर करती है, खासकर सीमित स्थानों (Confined Spaces) में काम करते समय।
जानकारी के अनुसार, एक मजदूर सेप्टिक टैंक के अंदर से सेंट्रिंग सामग्री निकालने के लिए घुसा और बाहर नहीं निकला। उसे बचाने के प्रयास में, ठेकेदार सहित तीन अन्य मजदूर भी टैंक में उतरे, और जहरीली गैस के संपर्क में आने से चारों की मौत हो गई। एक पांचवें मजदूर, सेराज खान ने भी प्रवेश किया लेकिन बेहोश होने के बाद ग्रामीणों द्वारा उसे बचा लिया गया।
मृतकों की पहचान उमेश यादव (35), जावेद आलम (31, जो ठेकेदार भी थे), राकेश बैठा (26, बंटी बैठा के नाम से भी जाने जाते थे) और शब्बी आलम (18, साफी आलम के नाम से भी जाने जाते थे) के रूप में हुई है। यह निर्माण एक घर के लिए किया जा रहा था, जिसके मालिक के रूप में कुछ रिपोर्टों में हकीक अहमद और कुछ में रेशमा खातून का नाम सामने आया है।
जिलाधिकारी समीर सौरभ ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। सदर एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है जो घटना के कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच करेगी। प्रशासन ने घोषणा की है कि मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख प्रत्येक की आर्थिक सहायता (ex-gratia) प्रदान की जाएगी। इस घटना को गैर-प्राकृतिक सामूहिक दुर्घटना के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह मुआवजा बिहार सरकार के 19 जून, 2026 के उस हालिया फैसले के अनुरूप है, जिसमें दुर्घटनाओं में मरने वाले प्रवासी मजदूरों के आश्रितों के लिए अनुग्रह राशि को दोगुना कर ₹4 लाख कर दिया गया था।
यह त्रासदी बिहार के निर्माण क्षेत्र में कार्यस्थल सुरक्षा, विशेष रूप से सीमित स्थानों में काम करने के संबंध में महत्वपूर्ण चिंताओं को उजागर करती है। यह घटना बिहार सरकार द्वारा 30 जून, 2026 को व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति (बिहार) नियम, 2026 की अधिसूचना के बावजूद हुई है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। निर्माण उद्योग में लगे छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए यह आवश्यक है कि वे इन नियमों का पालन करें और अपने कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करें ताकि ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
