रोहतास में 14 साल बाद फिर शुरू होगा पत्थर खनन, सरकार ने दी 4 ब्लॉकों को मंजूरी

ThisNews Desk
रोहतास में 14 साल बाद फिर शुरू होगा पत्थर खनन, सरकार ने दी 4 ब्लॉकों को मंजूरी — प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्र: I Love Pixel / Pexels

बिहार के रोहतास जिले में लगभग 14 साल के लंबे अंतराल के बाद पत्थर खनन फिर से शुरू होने जा रहा है। यह खनन कार्य, जो 2012 से बंद था, अब राज्य सरकार की मंजूरी के बाद फिर से गति पकड़ेगा। सरकार ने रोहतास जिले में चार पत्थर खनन ब्लॉकों के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की है, जिनमें विशेष रूप से गायघाट और गिझवाही जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

यह निर्णय बिहार के निर्माण उद्योग और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। पत्थर खनन, जिसे 'क्वारिंग' भी कहते हैं, विभिन्न निर्माण कार्यों जैसे सड़कों, पुलों, भवनों और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक कच्चा माल, जैसे गिट्टी, बालू और बजरी, उपलब्ध कराता है। जब खनन गतिविधियां बंद होती हैं, तो इन बुनियादी सामग्रियों की आपूर्ति बाधित होती है, जिससे निर्माण लागत में वृद्धि होती है और परियोजनाओं के पूरा होने में अनावश्यक देरी होती है। खनन के फिर से शुरू होने से इन चुनौतियों का समाधान होगा और निर्माण क्षेत्र को आवश्यक सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह खबर कई नए आर्थिक अवसर लेकर आएगी। खनन गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। उदाहरण के लिए, खनन स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों, पत्थरों को तोड़ने और छांटने वाले कारीगरों, और सामग्री के परिवहन के लिए ट्रकों व ड्राइवरों की मांग बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त, खनन उपकरणों की मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति, ईंधन की बिक्री और खनन से संबंधित अन्य सहायक सेवाओं की आवश्यकता भी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर कई छोटे और मध्यम व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह को बढ़ाएगा।

सरकार के इस कदम से राज्य के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। खनन से प्राप्त रॉयल्टी और अन्य शुल्कों से सरकार को महत्वपूर्ण आय प्राप्त होती है, जिसका उपयोग जन कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान करेगा और रोहतास जिले के साथ-साथ पूरे बिहार में निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा। लंबे समय से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण उद्योग के फिर से चालू होने से क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी और यह आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर में और पढ़ें

हमारी संपादकीय नीति · सुधार के लिए संपर्क करें