मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अक्टूबर 2026 में पटना मेट्रो रेल परियोजना को 2028 तक पूरा करने की दृढ़ समय-सीमा निर्धारित की है। नेहरू पथ पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना को तय समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। यह घोषणा बिहार के छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मेट्रो परियोजना न केवल शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी बल्कि निर्माण और संबंधित सेवाओं में भी नए अवसर पैदा करेगी।
मुख्यमंत्री चौधरी ने निरीक्षण के दौरान परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और विशेष रूप से गुणवत्ता मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सार्वजनिक सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा प्रदान करना नहीं है, बल्कि पटना के निवासियों के लिए एक सुरक्षित और कुशल यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना भी है। निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए भी विशेष उपाय करने के निर्देश दिए गए।
इस परियोजना से शहर के व्यापारिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से व्यापारियों को अपने उत्पादों और सेवाओं को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे व्यापार में वृद्धि होगी। निर्माण क्षेत्र में लगे ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए भी यह परियोजना निरंतर काम और राजस्व का स्रोत बनी हुई है। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है, क्योंकि इसमें सामग्री की खरीद, श्रम और विभिन्न प्रकार की विशेषज्ञ सेवाओं की आवश्यकता होती है।
मुख्यमंत्री ने नेहरू पथ पर, विशेष रूप से जे.डी. वीमेंस कॉलेज के पास, दो नए फुट ओवरब्रिज (पैदल यात्री पुल) के निर्माण का भी निर्देश दिया। ये ओवरब्रिज पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाएंगे, खासकर छात्रों और स्थानीय निवासियों के लिए। यह कदम शहरी नियोजन में सार्वजनिक सुरक्षा और पहुंच को महत्व देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे शहर में आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए बेहतर माहौल बनेगा।
पटना मेट्रो परियोजना का 2028 तक पूरा होना बिहार की राजधानी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा, जो शहरी विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा। यह न केवल यातायात की भीड़ को कम करेगा बल्कि शहर के विभिन्न हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ेगा, जिससे व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा और उद्यमियों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
