बिहार राज्य कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर जिले के पारू में 700 एकड़ में एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की मंजूरी दे दी है। यह पहल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी। इस परियोजना की देखरेख बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) करेगा, जो राज्य में उद्योगों के विकास और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार एक सरकारी संस्था है। सरकार ने इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 2.97 अरब रुपये की राशि स्वीकृत की है। भूमि अधिग्रहण का अर्थ है कि सरकार इस परियोजना के लिए आवश्यक निजी भूमि को कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदेगी।
इस नए औद्योगिक क्षेत्र की एक प्रमुख विशेषता इसकी मजबूत कनेक्टिविटी योजना है। पारू औद्योगिक क्षेत्र को निर्माणाधीन पटना-बेतिया चार-लेन राजमार्ग (NH-139W) से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, इसे हाजीपुर-सुगौली रेलवे लाइन से भी जोड़ा जाएगा, जिससे कच्चे माल और तैयार माल के कुशल परिवहन के लिए दोहरी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। यह दोहरी कनेक्टिविटी छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें अपने उत्पादों को बाजारों तक पहुंचाने और उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्री प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने पहले ही बिहार सरकार को भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना का प्रस्ताव भेज दिया है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से राजमार्ग तक एक कनेक्टिंग सड़क विकसित करने का अनुरोध किया है।
पटना-बेतिया एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की प्रगति भी उल्लेखनीय है। अप्रैल 2026 तक, बकरपुर (वैशाली) से मानिकपुर (मुजफ्फरपुर) तक के पहले दो पैकेजों का लगभग 15% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह पूरा 163.68 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, जिसकी अनुमानित लागत 5996 करोड़ रुपये है, क्षेत्र में परिवहन और व्यापार को और गति देगा। इस औद्योगिक क्षेत्र के विकास से स्थानीय उद्यमियों, ठेकेदारों और व्यापारियों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
