पटना में 1 अक्टूबर, 2026 को आयोजित 'बिहार इन्वेस्टर समिट 2026: द इमर्जिंग इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया' में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण का प्रस्ताव रखा। यह शिखर सम्मेलन राज्य में निवेश आकर्षित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें बुनियादी ढाँचा प्रमुख क्षेत्रों में से एक था। इस महत्वपूर्ण आयोजन में, गडकरी ने बिहार की दशकों पुरानी बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने अपने संबोधन में बिहार की दीर्घकालिक बाढ़ समस्या के समाधान के लिए तीन प्रमुख सुझाव दिए। पहला, उन्होंने एक व्यापक जल ग्रिड प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रणाली के तहत, जिन नदी घाटियों में पानी अधिक होता है, वहाँ से अतिरिक्त पानी को उन घाटियों में स्थानांतरित किया जाएगा जहाँ पानी की कमी है या बाढ़ का खतरा कम है। यह एक बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग परियोजना होगी जिसका उद्देश्य जल संसाधनों का कुशल प्रबंधन करना और बाढ़ के दबाव को कम करना है। इस तरह की प्रणाली से न केवल बाढ़ का खतरा कम होगा, बल्कि सूखे की स्थिति में भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे कृषि और अन्य जल-निर्भर उद्योगों को लाभ मिलेगा।
दूसरा महत्वपूर्ण सुझाव व्यापक नदी ड्रेजिंग का था। ड्रेजिंग का अर्थ है नदियों की तलहटी से गाद, रेत और अन्य जमाव को हटाना, जिससे उनकी गहराई और पानी ले जाने की क्षमता बढ़ जाती है। गडकरी ने बताया कि नदियों की नियमित और वैज्ञानिक ड्रेजिंग से उनकी जल धारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे बाढ़ के पानी को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और किनारों पर पानी फैलने का जोखिम कम होगा। यह कार्य नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने और उनकी पारिस्थितिकी को भी सुधारने में मदद करेगा, जो अंततः कृषि भूमि और शहरी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
तीसरा प्रस्ताव नदियों के किनारे मजबूत सुरक्षा दीवारों के निर्माण का था। केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदियों के किनारे मजबूत और प्रभावी सुरक्षा दीवारें बनाई जानी चाहिए। ये दीवारें बाढ़ के पानी को आबादी वाले क्षेत्रों, कृषि भूमि और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में प्रवेश करने से रोकेंगी, जिससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा। इन सुरक्षा दीवारों का निर्माण एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा परियोजना होगी जो स्थानीय समुदायों को बाढ़ के विनाशकारी प्रभावों से बचाएगी और उन्हें एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगी।
गडकरी के इन प्रस्तावों का उद्देश्य बिहार को बाढ़ की समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाना है, जिससे राज्य में कृषि, उद्योग और सामान्य जनजीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके। बाढ़ नियंत्रण के ये उपाय राज्य के आर्थिक विकास के लिए एक मजबूत नींव प्रदान कर सकते हैं। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचा विकास होगा, जिससे निर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग सेवाओं और संबंधित व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। यह पहल बिहार के आर्थिक परिदृश्य को बदलने और इसे एक अधिक स्थिर तथा निवेश-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिससे छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों और उद्यमियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
