मुजफ्फरपुर के गोबरसही में PNG पाइपलाइन फटने से भीषण विस्फोट, एक की मौत, कई घायल

ThisNews Desk
मुजफ्फरपुर के गोबरसही में PNG पाइपलाइन फटने से भीषण विस्फोट, एक की मौत, कई घायल — प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्र: Joseph Russo / Pexels

मुजफ्फरपुर के गोबरसही इलाके में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसकी वजह पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस (PNG) का रिसाव था। यह घटना रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट (RCD) द्वारा किए जा रहे नाले के निर्माण कार्य के दौरान हुई, जब एक अर्थ-मूविंग मशीन (JCB) से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। यह दुर्घटना शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों और समन्वय की कमी को उजागर करती है।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक व्यक्ति, जिनकी पहचान श्रीनिवास सिंह के रूप में हुई है और जो एक कोचिंग सेंटर के मालिक थे, की मृत्यु हो गई। श्रीनिवास सिंह जैसे छोटे व्यवसाय के मालिक के लिए यह एक बड़ी क्षति है, जो उनके परिवार और उनके व्यवसाय दोनों को प्रभावित करती है। इस विस्फोट में कम से कम छह अन्य लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ रिपोर्टों में घायलों की संख्या 12 तक बताई गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, विस्फोट से पहले लगभग 40 से 45 मिनट तक गैस का रिसाव हो रहा था, जो संभावित रूप से समय पर कार्रवाई की कमी को दर्शाता है।

विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी आवाज तीन किलोमीटर दूर तक सुनी गई। घटना स्थल पर भारी क्षति हुई है, जिसमें एक चार मंजिला इमारत बुरी तरह प्रभावित हुई। 100 मीटर के दायरे में कई घरों के शीशे टूट गए और कई अन्य मकानों तथा वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। इस तरह की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करती हैं बल्कि आसपास के छोटे व्यवसायों, दुकानों और घरों के लिए भी आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं, जिससे उनकी संपत्ति और आजीविका प्रभावित होती है। निर्माण कार्य के दौरान ऐसी दुर्घटनाएं ठेकेदारों और श्रमिकों के लिए भी जोखिम पैदा करती हैं, और उन्हें सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर देती हैं।

मुजफ्फरपुर के जिला मजिस्ट्रेट कुमार गौरव ने हताहतों की पुष्टि की है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मृतक के परिवार को आपदा राहत प्रावधानों के तहत नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा। यह घटना शहरी विकास परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों के पालन और भूमिगत उपयोगिताओं की पहचान के महत्व को रेखांकित करती है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी संबंधित विभागों के बीच उचित समन्वय और भूमिगत पाइपलाइनों व केबलों का सटीक मानचित्रण अनिवार्य है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह घटना बिहार में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अंजाम देने वाले सभी ठेकेदारों और सरकारी विभागों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

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