हाजीपुर में 30,000 करोड़ के निवेश से 1 लाख रोजगार का लक्ष्य

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 2:00 pm बजे)
हाजीपुर में 30,000 करोड़ के निवेश से 1 लाख रोजगार का लक्ष्य
चित्र: Tima Miroshnichenko / Pexels

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली जिले के राजापाकर में एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हब की स्थापना की घोषणा की है। यह हब हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा होगा। 25 जुलाई, 2026 को राज्य-स्तरीय 'विकास उत्सव' के दौरान की गई यह घोषणा, बिहार में एनडीए सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर हुई। इस परियोजना से ₹20,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ तक का निवेश आकर्षित होने और लगभग 1 लाख (100,000) नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि यह पहल बिहार सरकार के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत 20 नवंबर, 2026 तक राज्य भर में ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) द्वारा प्रबंधित हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र, पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्लस्टरों में से एक है, और राजापाकर का चयन रणनीतिक रूप से इसी क्षेत्र के भीतर किया गया है। बिहार सरकार का उद्योग विभाग भी इस औद्योगिक विकास को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025' को 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दिया है, जिसमें विभिन्न प्रोत्साहन शामिल हैं। यह विकास बिहार के छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 1 लाख नौकरियों का सृजन सीधे तौर पर बेरोजगारी को कम करेगा और स्थानीय युवाओं को काम के लिए बाहर जाने की आवश्यकता को कम करेगा।

यह बड़ा निवेश हाजीपुर और वैशाली की स्थानीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा, जिससे राज्य में समग्र औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हब की स्थापना बिहार के औद्योगिक परिदृश्य को पारंपरिक क्षेत्रों जैसे खाद्य प्रसंस्करण से आगे बढ़ाएगी। ऐसी बड़ी परियोजनाएं आमतौर पर छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSMEs), आपूर्तिकर्ताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए कई सहायक अवसर (ancillary opportunities) पैदा करती हैं। सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी सक्रिय रूप से मजबूत कर रही है।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। निवेशक-अनुकूल माहौल, जिसमें मुफ्त भूमि आवंटन और सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन शामिल हैं, का उद्देश्य बिहार में अधिक व्यवसायों और उद्यमियों को आकर्षित करना है। यह पहल बिहार को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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