बिहार सरकार करेगी नए खनिज ब्लॉकों की नीलामी: जमुई में लौह अयस्क, बांका में तांबा, सीसा व जस्ता

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 2:10 pm बजे)
बिहार सरकार करेगी नए खनिज ब्लॉकों की नीलामी: जमुई में लौह अयस्क, बांका में तांबा, सीसा व जस्ता
चित्र: Seyfettin Geçit / Pexels

बिहार सरकार ने राज्य के खनिज क्षेत्र को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से जमुई और बांका जिलों में नए खनिज ब्लॉकों की नीलामी की योजना की घोषणा की है। खान एवं भूतत्व विभाग (Mines and Geology Department) इन ब्लॉकों के लिए निविदाएं जारी करने की तैयारी कर रहा है।

नीलामी के लिए चिह्नित विशिष्ट क्षेत्रों में जमुई के मंझोस (Manjos) और भांटा (Bhanta) क्षेत्रों में लौह अयस्क (मैग्नेटाइट) शामिल है। वहीं, बांका जिले के पिंडारा (Pindara) क्षेत्र में तांबा, सीसा और जस्ता के ब्लॉक नीलाम किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, बांका जिले में कोबाल्ट के संकेत मिले हैं, जबकि जमुई के सोनो (Sono) क्षेत्र में सोने के भंडार की संभावना है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की अन्वेषण रिपोर्ट इन नीलामियों का आधार बनी हैं।

राज्य सरकार को इन नीलामियों से महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ की उम्मीद है। बिहार में पहचाने गए 14 प्रमुख खनिज ब्लॉकों से, जिनमें गया (मैग्नेटाइट, निकल, क्रोमियम, पीजीई, वैनेडियम) और रोहतास (पोटाश के लिए ग्लौकोनाइट) के ब्लॉक भी शामिल हैं, सरकार को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के खनन से सिग्नेचर बोनस (नीलामी में शुरुआती भुगतान), रॉयल्टी (उत्पादन पर आधारित निरंतर भुगतान) और जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) निधियों के माध्यम से लगभग 3,000 करोड़ रुपये का राजस्व आने का अनुमान है, जिससे 40,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। कुल मिलाकर, हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

बिहार खान एवं भूतत्व विभाग, जिसके सचिव-सह-खान आयुक्त श्री अवनीश कुमार सिंह, आई.ए.एस. हैं, इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल है। मंत्री प्रमोद कुमार ने भी दुर्लभ खनिज तत्वों की खोज और आगामी नीलामी प्रक्रिया की पुष्टि की है। राज्य ने पारदर्शी और विनियमित खनन सुनिश्चित करने के लिए 6 मई, 2026 से प्रभावी बिहार खनिज (अनुदान, अवैध खनन की रोकथाम, परिवहन और भंडारण) (संशोधन) नियम, 2026 भी लागू किए हैं। इन नियमों में छोटे खनिजों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया और अवैध गतिविधियों के लिए दंड का प्रावधान है। 10 जून, 2026 से खनिज परिवहन के लिए अंतर-राज्य पारगमन पास (ISTP) अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अपनी विशेष पुलिस बल स्थापित करने की भी तैयारी कर रहा है।

यह पहल बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, जिसका उद्देश्य खनिज-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, निजी निवेश आकर्षित करना और श्रमिकों तथा उद्यमियों के लिए स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करना है। इससे औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आजीविका के नए रास्ते प्रदान करके रोजगार के लिए पलायन को कम करने की उम्मीद है। कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा क्षेत्रों के लिए भारत की आयात निर्भरता कम हो सकती है।

टेंडर में और पढ़ें