बिहार के गन्ना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मांग उठाई गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता रामनारायण मंडल, जो सोशल फाउंडेशन के सचिव और स्वयं एक गन्ना किसान भी हैं, ने 23 सितंबर, 2026 को बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार पासवान से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, मंडल ने मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गन्ना का न्यूनतम मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की गई है।
यह मांग बिहार के हजारों गन्ना किसानों के लिए बेहद अहम है। गन्ना किसानों को अपनी फसल उगाने में काफी लागत आती है, जिसमें बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरों का खर्च शामिल होता है। एक निश्चित और उचित न्यूनतम मूल्य मिलने से किसानों को अपनी लागत वसूलने और थोड़ा मुनाफा कमाने में मदद मिलती है। यह उन्हें आर्थिक रूप से स्थिरता प्रदान करता है और अगली फसल के लिए निवेश करने में सक्षम बनाता है।
रामनारायण मंडल ने जोर देकर कहा कि वर्तमान मूल्य किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है और उन्हें अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है। 650 रुपये प्रति क्विंटल का प्रस्तावित मूल्य किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल देगा और उन्हें कर्ज के बोझ से बचाएगा। यह मांग न केवल किसानों के व्यक्तिगत लाभ के लिए है, बल्कि यह बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
जब किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलता है, तो उनकी क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) बढ़ती है। इससे स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ती है, जिसका सीधा लाभ छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और ठेकेदारों को मिलता है। कृषि क्षेत्र में होने वाली यह वृद्धि अप्रत्यक्ष रूप से अन्य व्यवसायों जैसे परिवहन, कृषि उपकरण आपूर्ति और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को भी बढ़ावा देती है।
गन्ना उद्योग बिहार की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार से राज्य के कृषि व्यवसाय क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। मंत्री संजय कुमार पासवान को सौंपे गए इस ज्ञापन पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है, क्योंकि यह निर्णय राज्य के कृषि परिदृश्य और लाखों किसानों के जीवन को सीधे प्रभावित करेगा।
