बिहार के वैशाली और समस्तीपुर जिलों में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भगवानपुर और करपुरीग्राम के बीच 60 किलोमीटर लंबी एक नई रेलवे लाइन का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 1,692 करोड़ रुपये है। यह परियोजना महुआ और ताजपुर से होकर गुजरेगी, जिससे भगवानपुर और करपुरीग्राम के बीच की रेल यात्रा लगभग 20 किलोमीटर कम हो जाएगी। वर्तमान में मुजफ्फरपुर के रास्ते यह दूरी 80 किलोमीटर है, जो घटकर लगभग 60 किलोमीटर रह जाएगी।
यह नई रेल लाइन उत्तर बिहार के कई हिस्सों के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, खासकर हाजीपुर से करपुरीग्राम की ओर आने वाली ट्रेनों को मुजफ्फरपुर बाईपास करने में मदद मिलेगी। इस परियोजना के तहत महुआ जलालपुर, मुकंदपुर, सुल्तानपुर हक, हरिहर और ताजपुर में पांच नए रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे। साथ ही, भगवानपुर और करपुरीग्राम स्टेशनों का भी उन्नयन किया जाएगा। निर्माण कार्य में सात बड़े पुल और 51 अंडरपास शामिल होंगे। ताजपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 28 को पार करने के लिए एक ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा। पूरी 60 किलोमीटर की रेल लाइन पर कोई भी लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी, जिससे यात्रा सुरक्षित और तेज होगी।
यह परियोजना स्थानीय व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) – यानी छोटे और मझोले व्यापारों, व्यापारियों और किसानों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगी। ताजपुर, मोरवा, सराय रंजन, गोराउल और सराय जैसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्र इससे लाभान्वित होंगे। विशेष रूप से, ताजपुर सब्जी मंडी के पास एक स्टेशन किसानों को अपनी उपज मुजफ्फरपुर और पटना जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए सस्ता और अधिक सुविधाजनक परिवहन विकल्प प्रदान करेगा, जिससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी और लागत में भी कमी आएगी। इस लाइन से उत्तर बिहार में मौजूदा रेल और सड़क मार्गों पर दबाव कम होगा और राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर यातायात भी सुगम होगा। इससे क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
मार्च 2026 तक, रेल मंत्रालय ने बिहार में नई लाइनों, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण कार्यों से संबंधित 52 रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। यह परियोजना वर्तमान में विस्तृत योजना और कार्यान्वयन के चरणों में है। बिहार में रेलवे के व्यापक विकास के संदर्भ में, केंद्रीय बजट 2026-27 में राज्य की रेलवे परियोजनाओं के लिए 10,379 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में 1,09,158 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें नई लाइनें, ट्रैक दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशन आधुनिकीकरण और हाई-स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं। भारतीय रेलवे ने बिहार में 1763.87 किलोमीटर की 29 नई रेल लाइनों के सर्वेक्षण को भी मंजूरी दी है, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2.67 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया गया है। इसके अतिरिक्त, 44 किलोमीटर से अधिक लंबी मानसी-सहरसा दोहरीकरण परियोजना को भी 499 करोड़ रुपये की लागत से यात्री और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिए मंजूरी दी गई है।
