बिहार में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मानसी-सिमरी बख्तियारपुर सड़क, जिसे स्टेट हाईवे-95 (SH-95) या नया NH-231 भी कहा जाता है, के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य 781.65 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा। यह 28.080 किलोमीटर लंबी परियोजना 2027 के मॉनसून से पहले पूरी करने का लक्ष्य है, जिससे आवागमन और व्यापार में बड़ी सुविधा मिलेगी।
बिहार राज्य पथ निर्माण विभाग इस महत्वपूर्ण परियोजना की देखरेख कर रहा है। यह सड़क खगड़िया के मानसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से शुरू होकर सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-107 तक जाएगी। निर्माण कार्य मुख्य रूप से खगड़िया (14.125 किमी) और सहरसा (13.955 किमी) जिलों में होगा। हालांकि, इस उन्नत कनेक्टिविटी का सीधा लाभ पड़ोसी जिलों मधेपुरा और सुपौल के निवासियों और व्यवसायों को भी मिलेगा, जिससे कुल चार जिलों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
इस उन्नयन से सड़क की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा और स्थानीय निवासियों, यात्रियों और विशेषकर व्यापारियों के लिए इन चार जिलों के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसका अर्थ है कि स्थानीय बाजारों, आस-पास के शहरों और महत्वपूर्ण धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों को नई गति मिलेगी। छोटे व्यवसायियों और किसानों के लिए अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना सरल हो जाएगा।
यह परियोजना बिहार में सड़क बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास का हिस्सा है। अक्टूबर 2026 में, बिहार को 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना के तहत 2,424 किलोमीटर लंबी 32 सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर मंजूरी मिली है। ये स्वीकृतियाँ केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सचिव उमाशंकर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में दी गईं, जिसमें बिहार के पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल भी उपस्थित थे। इन परियोजनाओं में नए राजमार्गों का निर्माण, मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, बाईपास, चार-लेन गलियारे और रेल ओवरब्रिज शामिल हैं, जो राज्य के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाएंगे।
बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए ये बुनियादी ढांचागत विकास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क से माल ढुलाई (सामान का एक जगह से दूसरी जगह ले जाना) आसान होती है, प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क मजबूत होता है, और यह औद्योगिक गलियारों (उद्योगों के लिए विकसित विशेष क्षेत्र) के विस्तार में भी सहायक हो सकता है। यह समग्र विकास राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देगा और नए व्यावसायिक अवसरों का सृजन करेगा।
