बिहार में आधुनिक गन्ना नर्सरी पर 75% तक अनुदान, 11.25 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:10 pm बजे)
बिहार में आधुनिक गन्ना नर्सरी पर 75% तक अनुदान, 11.25 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी
चित्र: alexandre saraiva carniato / Pexels

बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए "सिंगल-बड प्लांटलेट-आधारित गन्ना नर्सरी स्थापना योजना" का शुभारंभ किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में आधुनिक गन्ना खेती को बढ़ावा देना, उच्च गुणवत्ता वाले और रोग-मुक्त गन्ने के बीज का उत्पादन बढ़ाना और अंततः गन्ना किसानों की आय में वृद्धि करना है। यह पहल गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस योजना के तहत, जो व्यक्ति या संगठन सिंगल-बड प्लांटलेट तकनीक का उपयोग करके आधुनिक गन्ना नर्सरी स्थापित करेंगे, वे परियोजना लागत के 75% तक के अनुदान के पात्र होंगे। प्रति इकाई अधिकतम ₹11.25 लाख की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। अनुदान (Grant) एक प्रकार की वित्तीय सहायता होती है जो सरकार द्वारा किसी विशेष उद्देश्य के लिए दी जाती है और इसे वापस नहीं करना होता। यह छोटे व्यवसायियों और उद्यमियों के लिए अपनी नर्सरी स्थापित करने का एक बड़ा अवसर है।

योजना का कार्यान्वयन बिहार गन्ना उद्योग विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसके लाभार्थी व्यापक हैं, जिनमें निजी भू-स्वामी, वंशानुगत किसान, गुड़ उद्यमी (जो गुड़ बनाने का व्यवसाय करते हैं), चीनी मिलें, जीविका समूह, स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) शामिल हैं। स्वयं सहायता समूह (SHG) छोटे, अनौपचारिक समूह होते हैं जो अपनी समस्याओं को हल करने और वित्तीय स्थिरता प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करते हैं। किसान उत्पादक संगठन (FPO) किसानों का एक समूह होता है जो अपनी उपज को बेहतर ढंग से बेचने और खेती के लिए आवश्यक सामग्री (जैसे बीज, खाद) खरीदने के लिए एक कंपनी के रूप में संगठित होता है।

सिंगल-बड प्लांटलेट तकनीक एक उन्नत विधि है जिसमें गन्ने के एक कली (बड) से पौधा तैयार किया जाता है। एक आधुनिक नर्सरी, जो केवल 400 वर्ग मीटर (लगभग 4300 वर्ग फुट) जगह में स्थापित की जा सकती है, से सालाना लगभग 5 लाख सिंगल-बड प्लांटलेट का उत्पादन होने की उम्मीद है। इस उन्नत तकनीक से प्रति एकड़ बीज की आवश्यकता पारंपरिक 30-35 क्विंटल से घटकर मात्र 5-7 क्विंटल रह जाएगी। इससे किसानों का बीज खरीदने का खर्च काफी कम होगा और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। आधुनिक गन्ना नर्सरी प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (SRI), पूसा में प्रदान किया जाएगा, जिससे लाभार्थियों को नवीनतम तकनीकों का ज्ञान मिल सके।

नर्सरी योजना के लिए आवेदन कैन केयर पोर्टल (ccs.bihar.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन आमंत्रित किए गए थे, जिसकी अंतिम तिथि 23 जुलाई, 2026 थी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के तहत बीज सब्सिडी के लिए आवेदन 22 अगस्त, 2026 तक खुले हैं। यह योजना बिहार के गन्ना किसानों और संबंधित उद्यमियों के लिए अपनी आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार लाने का एक सुनहरा अवसर है।

कृषि बिज़नेस में और पढ़ें