बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने 22 सितंबर, 2026 को ऑस्ट्रेलिया में अनिवासी बिहारियों (NRI) के साथ एक उच्च-स्तरीय संवाद किया। 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) सम्मेलन में भाग लेने के बाद अपने आधिकारिक अध्ययन दौरे के दौरान आयोजित इस बैठक में बिहारी उद्यमी (नए व्यवसाय शुरू करने वाले), तकनीकी विशेषज्ञ, पेशेवर और बुद्धिजीवी शामिल थे। डॉ. कुमार ने उनसे बिहार के विकास यात्रा और 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य में सक्रिय रूप से योगदान करने की अपील की।
उन्होंने अनिवासी बिहारियों से आग्रह किया कि वे केवल यादों के माध्यम से नहीं, बल्कि अपनी विशेषज्ञता (खास जानकारी), उद्यमिता (व्यवसाय शुरू करने की क्षमता) और सीधे निवेश के माध्यम से अपने गृह राज्य से जुड़ें। डॉ. कुमार ने जोर दिया कि बिहार को उनके वैश्विक अनुभव और क्षमताओं से काफी लाभ मिल सकता है, खासकर युवा कौशल विकास (युवाओं को हुनर सिखाना), वैश्विक बाजारों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, स्टार्टअप (नए व्यवसाय) और उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा नए रोजगार के अवसर पैदा करने जैसे क्षेत्रों में।
संवाद के दौरान, डॉ. कुमार ने बिहार की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों पर प्रकाश डाला, जिनमें 'बिहार सेमीकंडक्टर नीति-2026' और 'बिहार जैव ईंधन उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2023' शामिल हैं। ये नीतियां अर्धचालक (इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए महत्वपूर्ण घटक), सूचना प्रौद्योगिकी (IT), इलेक्ट्रॉनिक्स, जैव ईंधन, कपड़ा, चमड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
इस कार्यक्रम में महावाणिज्य दूत (CGI) के.एस. जानकीरमन, ऑस्ट्रेलिया के सिटी ऑफ पैरामाटा के पूर्व मेयर और वर्तमान पार्षद समीर पांडे (मूल रूप से छपरा, बिहार से), ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय उद्यमी अमित कुमार दास (अररिया जिले से), उद्यमी पुष्कर (सीवान से) और लेखक शिशिरेंदु झा (मिथिला क्षेत्र से) जैसे प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार औद्योगिक विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और उद्यमिता में नए अवसर पैदा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
हालांकि इस विशेष अपील के परिणामस्वरूप सीधे तौर पर किसी विशिष्ट निवेश आंकड़े या रोजगार सृजन की घोषणा नहीं की गई, लेकिन बिहार सरकार ने नवंबर 2026 तक ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से 3 जुलाई, 2026 को ₹25,000 करोड़ की औद्योगिक विकास योजना को मंजूरी दी गई थी। निवेश के अवसरों को और प्रदर्शित करने के लिए 'राइजिंग बिहार - इन्वेस्टर समिट 2026' भी 1 अक्टूबर, 2026 को पटना में निर्धारित है। यह पहल बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पूंजी, वैश्विक विशेषज्ञता और नवाचार को बढ़ावा देने का प्रयास करती है।
