बिहार के सासाराम जिले के देहरी-डालमियानगर स्थित अब्दुल कय्यूम अंसारी नगर भवन की जर्जर हालत स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। दो बार टेंडर जारी होने के बावजूद, भवन की मरम्मत का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी असंतोष है।
यह नगर भवन, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और समाज सेवी अब्दुल कय्यूम अंसारी के नाम पर है, और शहर का एकमात्र सार्वजनिक सभागार है जहाँ विभिन्न सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसकी बिगड़ती स्थिति न केवल इसके उपयोग को सीमित करती है, बल्कि शहर के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल को भी खतरे में डाल रही है।
एडवोकेट जावेद अख्तर ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) नीलेश कुमार को एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत कर भवन की तत्काल मरम्मत का आग्रह किया है।
इस भवन का उद्घाटन मूल रूप से 2003 में राबड़ी देवी द्वारा किया गया था। लगभग पाँच साल पहले, नगर भवन को देहरी-डालमियानगर नगर परिषद को सौंप दिया गया था। हालांकि, शुरुआती रखरखाव के बाद, नगर परिषद ने कथित तौर पर इसकी देखरेख में लापरवाही बरती। भवन का हस्तांतरण, जो 2019 से लंबित था, फरवरी 2021 में जिला मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र कुमार के आदेश पर विशिष्ट शर्तों के तहत पूरा हुआ था।
7 नवंबर, 2026 तक, दो टेंडर जारी होने के बावजूद मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। मरम्मत परियोजना से जुड़े किसी विशिष्ट निवेश आंकड़े या रोजगार के अवसरों की संख्या सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में नहीं बताई गई है।
अब्दुल कय्यूम अंसारी नगर भवन की लगातार खराब स्थिति बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और सासाराम के उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है। एक प्राथमिक सार्वजनिक स्थल के रूप में, इसकी गैर-कार्यक्षमता स्थानीय आयोजनों, प्रदर्शनियों और सभाओं के अवसरों को सीमित करती है। ऐसे आयोजन स्थानीय व्यापार को बढ़ावा दे सकते हैं और उद्यमियों तथा MSMEs (छोटे और मध्यम व्यवसाय) को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान कर सकते हैं। एक कार्यात्मक सार्वजनिक सभागार इसकी मरम्मत और रखरखाव के दौरान निर्माण श्रमिकों के लिए अस्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा, और सुगम सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से एक अधिक जीवंत स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
