भागलपुर में कर्ण द्वार का डिज़ाइन अंतिम, सितंबर में जारी होगा निर्माण टेंडर

ThisNews Desk
भागलपुर में कर्ण द्वार का डिज़ाइन अंतिम, सितंबर में जारी होगा निर्माण टेंडर
चित्र: Ansh Yati / Pexels

भागलपुर नगर निगम ने शहर में "कर्ण द्वार" के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 22 अगस्त, 2026 तक, प्रस्तावित कर्ण द्वार परियोजना का डिज़ाइन अंतिम रूप दे दिया गया है। यह कदम भागलपुर के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।

नगर निगम के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि निर्माण के लिए टेंडर (निविदा) सितंबर 2026 में जारी होने की उम्मीद है, बशर्ते महापौर और अन्य संबंधित अधिकारियों से इसे मंजूरी मिल जाए। टेंडर एक औपचारिक प्रक्रिया है जिसके तहत सरकार या कोई संस्था किसी काम को करवाने के लिए कंपनियों या ठेकेदारों से प्रस्ताव मांगती है। यह स्थानीय ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों के लिए इस परियोजना में भाग लेने का अवसर होगा।

इसी के साथ, लाजपत पार्क के पास "ढेबर गेट" का निर्माण भी आगे बढ़ रहा है। ये दोनों परियोजनाएँ भागलपुर शहर के समग्र विकास का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य शहर की सुंदरता और कार्यक्षमता को बढ़ाना है।

हालांकि, कर्ण द्वार परियोजना के लिए कुल निवेश राशि या इससे कितनी नई नौकरियां पैदा होंगी, इसकी विशिष्ट जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। फिर भी, ऐसे बुनियादी ढांचा परियोजनाएं (जैसे सड़क, पुल या इमारतें बनाना) आमतौर पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देती हैं। निर्माण कार्य के दौरान अस्थायी रोजगार के अवसर पैदा होते हैं, जिससे मजदूरों और कारीगरों को काम मिलता है।

इसके अलावा, परियोजना के लिए स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, ईंट, रेत और स्टील की मांग बढ़ती है। यह स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं (सप्लायर्स) और छोटे व्यवसायों (MSMEs) के लिए व्यापार के अवसर पैदा करता है। परिवहन और उपकरण किराए पर देने वाली सेवाओं को भी फायदा होता है। शहर की सुंदरता बढ़ने से अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे होटल, रेस्तरां और स्थानीय दुकानों जैसे संबंधित व्यवसायों को भी लाभ हो सकता है। यह विकास भागलपुर मास्टर प्लान जैसे व्यापक शहरी विकास योजनाओं के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों में एकीकृत विकास करना है और उद्यमियों के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाना है।

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