पटना रिंग रोड परियोजना: केंद्र सरकार ने अंतिम चरण को दी मंजूरी, ₹16,000 करोड़ की योजना को मिली गति

ThisNews Desk
पटना रिंग रोड परियोजना: केंद्र सरकार ने अंतिम चरण को दी मंजूरी, ₹16,000 करोड़ की योजना को मिली गति
चित्र: Harshi Rateria / Pexels

बिहार की राजधानी पटना के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना, पटना रिंग रोड कॉरिडोर, को हाल ही में एक बड़ी प्रगति मिली है। जून 2026 में केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के आठवें और अंतिम चरण के संरेखण (अलाइनमेंट) को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इस लगभग 150 किलोमीटर लंबे, छह-लेन वाले एक्सेस-नियंत्रित राजमार्ग के निर्माण में एक बड़ी बाधा को दूर करती है, जिससे राज्य के व्यापारिक समुदाय और आम जनता को लाभ होगा।

केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित यह अंतिम चरण दिघवारा-सरई खंड से संबंधित है। इससे पहले, मार्च 2026 में बिहार सरकार ने भी इस खंड को अपनी मंजूरी दे दी थी। यह दोहरी मंजूरी परियोजना के कार्यान्वयन के लिए मार्ग प्रशस्त करती है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। यह रिंग रोड पटना और आसपास के क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाने और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लगभग 2005 में पहली बार परिकल्पित की गई इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹16,000 करोड़ है। यह एक विशाल निवेश है जो निर्माण क्षेत्र में ठेकेदारों, उप-ठेकेदारों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा। परियोजना को विभिन्न चरणों में पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें 14.5 किलोमीटर लंबे रामनगर-कच्ची दरगाह खंड के लिए 2028 तक पूरा होने का विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

छोटे व्यवसाय मालिकों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए पटना रिंग रोड कॉरिडोर का निर्माण कई मायनों में फायदेमंद होगा। सड़क निर्माण, पुलों और ओवरब्रिज के निर्माण, और संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर निविदाएं (टेंडर) जारी होंगी। इससे निर्माण कंपनियों, सीमेंट, स्टील, बजरी और अन्य निर्माण सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं के लिए काम के अवसर बढ़ेंगे। बेहतर सड़क संपर्क से माल की आवाजाही तेज और सस्ती होगी। इससे परिवहन लागत कम होगी, जिससे उत्पादों की कीमतें प्रतिस्पर्धी बनेंगी। रिंग रोड के किनारे नए गोदाम, लॉजिस्टिक्स हब, सर्विस स्टेशन और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान स्थापित करने के अवसर पैदा हो सकते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। शहर के भीतर और बाहर आवागमन आसान होने से वे अपने ग्राहकों तक अधिक कुशलता से पहुंच पाएंगे और नए बाजारों का पता लगा पाएंगे। यह व्यापार विस्तार और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगा।

पटना रिंग रोड कॉरिडोर परियोजना की अंतिम चरण को मिली मंजूरी बिहार के बुनियादी ढांचा विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल यातायात की भीड़ को कम करेगा बल्कि राज्य में व्यापार और वाणिज्य के लिए नए रास्ते भी खोलेगा, जिससे समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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