पटना उच्च न्यायालय ने पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की

ThisNews Desk(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:41 pm बजे)
पटना उच्च न्यायालय ने पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की
चित्र: Jan van der Wolf / Pexels

पटना हाईकोर्ट ने पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है, जिससे इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना के रास्ते की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय और न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव की खंडपीठ ने 4 जुलाई, 2026 को यह फैसला सुनाया।

यह परियोजना भागलपुर जिले के पीरपैंती में 2,400 मेगावाट (3 x 800 मेगावाट) क्षमता का एक ग्रीनफील्ड अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने की है। 'ग्रीनफील्ड' का अर्थ है कि यह परियोजना बिल्कुल नई जगह पर, शून्य से शुरू की जा रही है। 'अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल' तकनीक बिजली उत्पादन को अधिक कुशल बनाती है, जिससे कम ईंधन में ज्यादा बिजली पैदा होती है। बिहार के छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए यह परियोजना बिजली की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो किसी भी आर्थिक गतिविधि के लिए आवश्यक है।

अधिवक्ता अनमोल कुमार द्वारा दायर जनहित याचिका में परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया, बोली प्रक्रिया, बिजली के टैरिफ (बिजली बेचने की दर) और भूमि पट्टे पर सवाल उठाए गए थे। जनहित याचिका एक ऐसा कानूनी माध्यम है जिसके तहत कोई व्यक्ति या संगठन सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने याचिका में लगाए गए आरोपों को "अस्पष्ट" और "निराधार" पाया। अदालत ने कहा कि याचिका में न्यायिक हस्तक्षेप को सही ठहराने के लिए पर्याप्त सामग्री का अभाव था और यह सरकारी नीतिगत निर्णय में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस आधार प्रस्तुत नहीं करती। खंडपीठ ने यह भी टिप्पणी की कि यह चुनौती वास्तविक जनहित के बजाय निजी हित पर आधारित प्रतीत होती है।

इस फैसले से बिहार में ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के विकास के लिए आवश्यक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यह परियोजना न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाएगी बल्कि निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय व्यवसायों और श्रमिकों के लिए अवसर भी पैदा करेगी। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ऐसी परियोजनाओं का समय पर पूरा होना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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