दरभंगा में मिथिला सिटी परियोजना को मिली नई गति, आधुनिक शहर बनाने का लक्ष्य

ThisNews Desk(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:07 pm बजे)
दरभंगा में मिथिला सिटी परियोजना को मिली नई गति, आधुनिक शहर बनाने का लक्ष्य
चित्र: Shantanu Kumar / Pexels

बिहार सरकार ने दरभंगा में "मिथिला सिटी परियोजना" को नई गति दी है, जिसका उद्देश्य विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ एक आधुनिक शहर विकसित करना है। इस पहल को, जिसे मिथिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप या मिथिला ग्रीन सिटी भी कहा जाता है, राज्य सरकार से मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करने वाली है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवास और शहरी विकास निगम (HUDCO) बिहार सरकार के साथ एक समझौते के बाद एक लाख करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। यह प्रस्तावित टाउनशिप लगभग 17,400 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी, जिसमें लगभग 1,600 एकड़ का एक मुख्य क्षेत्र शामिल है। यह विशाल क्षेत्र दरभंगा जिले के हनुमान नगर, बहादुरपुर और केवटी अंचलों (प्रशासनिक इकाइयों) के 102 राजस्व गांवों को कवर करेगा।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है। नगर विकास एवं आवास विभाग मास्टर प्लान तैयार करने की देखरेख कर रहा है, जिसके लिए टेकमेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है।

परियोजना के लिए भूमि की पहचान पूरी हो चुकी है। नियोजित विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए, चिन्हित 102 गांवों में भूमि की खरीद, बिक्री और पंजीकरण पर मार्च 2027 तक या मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिए जाने तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, उन्हें 30 दिनों के भीतर मुआवजा मिलेगा।

यह परियोजना बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर छोटे व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए। MSMEs यानी वे छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय जो देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे (सड़कें, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं) को मजबूती मिलेगी, जिसमें चौड़ी सड़कें, आधुनिक आवासीय परिसर, स्मार्ट बुनियादी ढाँचा, डिजिटल सुविधाएं, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और औद्योगिक इकाइयाँ शामिल होंगी। इस विकास से नए अवसर पैदा होने और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, बिहार MSME नीति 2026 का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ से अधिक नौकरियां पैदा करना और एक करोड़ MSME पंजीकरण हासिल करना है। दरभंगा और मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क से लगभग 12,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

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