बिहार में नई स्मार्ट सिटी बनेगी, CEPT यूनिवर्सिटी करेगी नेतृत्व

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:08 pm बजे)
बिहार में नई स्मार्ट सिटी बनेगी, CEPT यूनिवर्सिटी करेगी नेतृत्व
चित्र: Maarten van den Heuvel / Pexels

बिहार राज्य में शहरी विकास को एक नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य सरकार ने पूरे बिहार में 11 नए "ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप" स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए तकनीकी सहायता इकाई (Technical Support Unit) के रूप में अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (CEPT) एडवाइजरी फाउंडेशन का चयन किया गया है। यह घोषणा लगभग 14 जुलाई, 2026 को की गई थी।

"ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप" का अर्थ है कि ये ऐसे नए शहर या कस्बे होंगे जिन्हें पूरी तरह से अविकसित भूमि पर विकसित किया जाएगा। ये मौजूदा बड़े शहरों के पास बनाए जाएंगे ताकि उन पर आबादी का दबाव कम हो सके और निवासियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। इन टाउनशिप का उद्देश्य भविष्य की जरूरतों को पूरा करने वाले आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधाओं से भरपूर शहरी क्षेत्र बनाना है।

छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह पहल बड़े अवसर लेकर आएगी। इन नए शहरों के निर्माण में बड़े पैमाने पर सिविल कार्य, भवन निर्माण, सड़क, पानी, बिजली और सीवरेज जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आवश्यकता होगी। इससे निर्माण क्षेत्र से जुड़े ठेकेदारों और श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को निर्माण सामग्री, उपकरण और सेवाओं की आपूर्ति का काम मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, जब ये टाउनशिप विकसित हो जाएंगे, तो वहां नए बाजार, दुकानें, कार्यालय, स्कूल, अस्पताल और अन्य सेवाएं स्थापित होंगी। यह व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए नए व्यवसाय शुरू करने और अपने मौजूदा व्यवसायों का विस्तार करने का एक सुनहरा अवसर होगा। रियल एस्टेट क्षेत्र में भी निवेश और विकास की अपार संभावनाएं होंगी, जिससे डेवलपर्स और प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा होगा।

CEPT एडवाइजरी फाउंडेशन की भूमिका इन परियोजनाओं के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन, योजना और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करना होगा। उनकी सहायता से इन टाउनशिप का विकास एक सुनियोजित और टिकाऊ तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह पहल बिहार के शहरी परिदृश्य को बदलने और राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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